रिचार्ज 28 से 30 दिन फायदा या भाजपा की टोपीबाजी 11 रुपए के नुकसान का खेल वायरल
सेंट्रल डेस्क
दिल्ली /केंद्र सरकार और भाजपा के नेता इन दिनों राघव चड्ढा के प्रस्ताव पर रिचार्ज की वैलिडिटी 28 से 30 दिन करने को बड़ी उपलब्धि बता कर वाहवाही लूट रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत क्या है, किसी ने चेक किया।
सोशल मीडिया पर अब जनता ही इसका हिसाब निकाल रही है और पूछ रही है कि ये फायदा है या सीधा-सीधा बेवकूफ बनाना, जो भाजपा के DNA में है।
वायरल हो रहा कड़वा सच
28 दिन का रिचार्ज = 349 रुपए
30 दिन का रिचार्ज = 379 रुपए
मतलब 2 दिन के लिए 30 रुपए एक्स्ट्रा वसूली।
अब हिसाब लगाइए
2 दिन के हिसाब से 12 महीने के 24 दिन बनते हैं।
30 x 12 = 360 रुपए
पहले 13 रिचार्ज करने पड़ते थे 28 दिन वाले, अब 12 रिचार्ज के नाम पर 360 रुपए ज्यादा ले लिए, और उल्टा 11 रुपए का नुकसान भी।
जनता का सवाल
13 रिचार्ज की जगह 12 रिचार्ज का झुनझुना थमा कर अगर हर रिचार्ज पर 30 रुपए लूट लिए जा रहे हैं तो ये राहत कैसी?
लोग पूछ रहे हैं, गजब टोपीबाज लोग हैं भाजपा के, जो 2 दिन बढ़ाने के नाम पर साल भर में 360 रुपए की चपत लगा रहे हैं और उसे भी उपलब्धि बता रहे हैं।
अगर सच में राहत देनी थी तो कीमत वही रखते, वैलिडिटी बढ़ाते। लेकिन यहाँ तो खेल ही उल्टा है।दिन 2 बढ़े, दाम 30 रुपए बढ़ा।
बिहार हलचल न्यूज का सवाल क्या ये टेलीकॉम कंपनियों को फायदा पहुंचाने का नया तरीका है।
हेडलाइन ऑप्शन
1. 2 दिन की बढ़ोतरी, 30 रुपए की लूट: रिचार्ज पर भाजपा की टोपीबाजी उजाग।
2. राघव चड्ढा के नाम पर वाहवाही, जेब पर डाका: 28 से 30 दिन के खेल में 11 रुपए का नुकसान।
3. बेवकूफ बनाना DNA में। 12 रिचार्ज के नाम पर 360 की वसूली।

