बांकीपुर में भाजपा का 35 साल का किला ढहा नितिन नवीन, रवि शंकर प्रसाद के गढ़ में NDA को बड़ा झटका जनसुराज ने मारी बाजी
कृष्णा कुमार
पटना/ बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 35 वर्षों से चला आ रहा भाजपा का दबदबा इस बार टूट गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गृह क्षेत्र माने जाने वाले बांकीपुर में NDA को करारी हार का सामना करना पड़ा।
कद्दावर नेता भी नहीं बचा पाए गढ़
इस चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से वर्तमान सांसद रवि शंकर प्रसाद, पूर्व भाजपा सांसद राम कृपाल यादव, वर्तमान भाजपा विधायक प्रत्याशी नीरज सिन्हा समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने प्रचार की कमान संभाली थी।
भाजपा ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। केंद्र से 40 स्टार प्रचारक, 202 विधायक, NDA के 5 गठबंधन दलों के नेता, पूरी शासन-प्रशासन और बिहार भाजपा की पूरी फौज बांकीपुर में उतारी गई थी। करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद पार्टी अपने उम्मीदवार को नहीं जिता पाई।
जनसुराज ने किया उलटफेर
इस सीट पर जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर भाजपा के गढ़ को ध्वस्त कर दिया। परिणाम आने के बाद जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समर्थकों में जश्न का माहौल है।जीत के बाद जनसुराज कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जनता का आक्रोश और जनादेश है। जनता मालिक है और नेता नौकर के नारे के साथ उन्होंने भाजपा के अहंकार पर चोट करने की बात कही।
भाजपा के लिए बड़ा झटका
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर में हार भाजपा के लिए बड़ा संकेत है। 35 साल से इस सीट पर भाजपा का कब्जा था। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के गढ़ में हार से पार्टी की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।

