बिहार में कानून-व्यवस्था पर यह हमला सिर्फ एक अधिकारी की हत्या नहीं, बल्कि शासन और पुलिस व्यवस्था की विफलता पर लगा गहरा तमाचा
न्यूज डेस्क
बिहार में कानून-व्यवस्था पर यह हमला सिर्फ एक अधिकारी की हत्या नहीं, बल्कि शासन और पुलिस व्यवस्था की विफलता पर लगा गहरा तमाचा है।
रोहतास के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की नृशंस हत्या ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बिहार में सरकारी अधिकारी भी यदि सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता किस भरोसे जी रही है।
यह घटना बताती है कि फील्ड पुलिसिंग की हालत कितनी बदहाल हो चुकी है। ऐसे में वर्षों से लगते रहे ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसों के खेल के आरोप भी लोगों को निराधार नहीं लगते।
विमल कुमार शनिवार रात डेहरी से पटना लौट रहे थे। औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। लेकिन इस पूरे मामले ने और भी गंभीर मोड़ तब लिया, जब मृतक अधिकारी की पत्नी ने लोजपा रामविलास के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर हत्या करवाने का आरोप लगाया।
यदि सत्ताधारी गठबंधन के विधायक पर इस स्तर के आरोप लगते हैं तो यह सरकार की साख पर बेहद गंभीर प्रश्नचिह्न है।
हालांकि मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने प्राइमरी इनवेस्टिगेशन के बाद यह कहा है कि कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या उनके ही ड्राइवर ने की है। उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

