बिहार

राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति एवं ऐआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाएं एवं चुनौतिया पर विशेष चर्चा

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
Listen to this article

राजकुमार यादव 

आरा /बिहिया पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय बिहिया भोजपुर के स्कूल प्रांगण में राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति एवं ऐआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाएं एवं चुनौतिया पर विशेष चर्चा की गयी। मुख्य अतिथि पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय ,अमेठी उतर प्रदेश के प्राचार्य पीके सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यालय शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकी पर जोड़ देती है ताकि शिक्षा में पहुंच समानता , गुणवत्ता और सीखने के परिणाम में सुधार हो सके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में सामने आई है ।जो व्यक्तिगत सीखने ,अनुकूल शिक्षण ,मूल्यांकन सुधार ,शिक्षार्थियों को सहयोग तथा आंकड़े के आधार पर बेहतर निर्णय लेने में सहायता करती है। एआई को उपयोग में डाटा गोपनीयता, प्रदर्शिता,निष्पक्षता और समावेशन जैसे नैतिक पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है ।

ऐआई एक सहायक उपकरण जो शिक्षकों की शिक्षण क्षमता को बढ़ाता है न कि शिक्षक मानवीय तत्व को प्रतिस्थापित करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभाव कार्य से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। शिक्षा अब ज्यादा लचीला ,व्यावहारिक और छात्र केंद्रित हो गई है। जिसे कौशल आधारित पाठ्यक्रमों ने शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाया है ।

अध्यक्षीय संबोधन में पीएम श्री जेवीएन भोजपुर बिहिया के प्राचार्य प्रभाष चन्द्र राय ने विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि तकनीकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता ऐआई और विश्लेषणात्मक उपकरण जितने विकसित हो जाएं। लेकिन माननीय संवेदनशीलता अनुभव और दूरदृष्टि का कोई विकल्प नहीं है ।जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को तर्क की कसौटी परखा जाता है ,तब वह विवेकपूर्ण निर्णय का आधार बन जाती है ।असल में शिक्षा का विकास जो हमें संघर्ष की स्थितियों से प्राप्त होता है और जब हम इस पर कर लेते हैं तो हमें संतोष मिलता है और जीवन में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करते हैं। और यही चुनौतियां जीवन में सफलता का सोपान बन जाता है।
भारी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेतर गण उपस्थित थे।