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बिहार में जनता की सरकार जनसेवा और विकास सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

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न्यूज डेस्क 

 

पटना / मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी आज अखिल भारतीय कानू हलवाई विचार मंच, बिहार एवं वंशी चाचा सामाजिक विकास परिषद, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में किसी व्यक्ति या गठबंधन की नहीं, बल्कि जनता की सरकार है। सरकार का प्रत्येक मंत्री, विधायक जनसेवक है। हमारी सरकार का एक-एक दिन तथा एक-एक घंटा बिहार के विकास और जनता की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने कि राज्य सरकार 31 मार्च 2027 से पूर्व एक करोड़ बी०पी०एल० परिवारों की पहचान कर उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध कराएगी। साथ ही 25 लाख परिवारों के घरों की छतों पर सोलर स्थापित कर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी के नाम पर आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी बिहार में केवल 278 डिग्री कॉलेज थे, जबकि हमारी सरकार ने 15 जुलाई को एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन प्रारंभ कराया है। अगले 10 दिनों के भीतर सभी नए डिग्री कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके लिये संविदा के आधार पर 3,000 प्रोफेसरों की नियुक्ति की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर एवं सहयोग पोर्टल के माध्यम से अब तक 5 लाख 83 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 लाख 33 हजार आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए 9,000 अधिकारियों को पहला नोटिस, 350 अधिकारियों को दूसरा नोटिस तथा 4 अधिकारियों को तीसरा नोटिस जारी किया गया है। 30 दिनों के अंदर हर हाल में आवेदन को निष्पादित करना है। उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जो बिजली उपभोक्ताओं को सबसे अधिक सब्सिडी दे रहा है। राज्य के 1 करोड़ 90 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं में से 1 करोड़ 70 लाख उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष से 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
जो परिवार प्रति माह 125 यूनिट तक ही बिजली की खपत कर रहे हैं, उन्हें सरकार की ओर से बधाई पत्र भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलवैया धाम में बाबा गणिनाथ जी महाराज के मंदिर के समग्र विकास के लिए आवश्यकतानुसार भूमि अधिग्रहित की जायेगी तथा हरसंभव सरकारी सहयोग दिया जायेगा। अगले पाँच वर्षों में मरीन ड्राइव के माध्यम से पलवैया धाम तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा। सोनपुर से राघोपुर पुल तक पाँच पुलों को जोड़ते हुए गंगा अंबिका पथ के माध्यम से मोकामा तक संपर्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानू-हलवाई समाज सदैव संगठित रहकर बिहार के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे, सरकार समाज के साथ मजबूती से खड़ी है। अखिल भारतीय कानू हलवाई विचार मंच की सभी मांगों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब एवं कमजोर परिवारों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों की पहचान कर उनकी जमीन वापस दिलाई जाएगी। अतिपिछड़ा समाज को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पूर्व वैश्य समाज सहित बड़ी संख्या में लोग बिहार से पलायन करने को विवश थे, लेकिन एन०डी०ए० सरकार के नेतृत्व में राज्य में व्यापक परिवर्तन हुआ है तथा अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख को 1 करोड 12 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि सीधे हस्तांतरित की जाती है।

समारोह को पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सरावगी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजक मंडल ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, गदा, स्मृति चिन्ह एवं फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री रामचन्द्र प्रसाद, सांसद श्री संजय जायसवाल, विधायक श्री प्रमोद कुमार, विधायक श्री अरूण कुमार, विधायक श्रीमती छोटी कुमारी सहित कानू-हलवाई समाज के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।