ज्ञानेश कुमार को मिले भारत रत्न उनके बनाए विधायक-सांसदों को अब एक साथ मांग उठानी चाहिए सोशल मीडिया पर उबाल
सेंट्रल डेस्क
दिल्ली /देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहे हैं। वजह है, उनकी मेहरबानी से बने जनप्रतिनिधियों को लेकर उठ रहे सवाल। सोशल मीडिया यूजर्स तंज कस रहे हैं कि जितने भी विधायक और सांसद ज्ञानेश कुमार की कृपा से सदन तक पहुंचे हैं, उन सबको एकजुट होकर अब उनके लिए भारत रत्न की मांग करनी चाहिए।
यूजर्स का कहना है कि अगर ज्ञानेश कुमार न होते, तो देश को ऐसे जनप्रतिनिधि कहां मिलते जो सदन की गरिमा को ही सवालों के घेरे में ले आएं।
पिछले कुछ चुनावों के बाद से लगातार यह आरोप लग रहा है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्षी दलों से लेकर आम जनता तक का एक बड़ा वर्ग मानता है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण ही ऐसे लोग चुनकर आ जा रहे हैं जिनकी शैक्षिक योग्यता और आपराधिक पृष्ठभूमि हमेशा चर्चा में रहती है।
इसी को लेकर एक यूजर ने लिखा अगर ये न होते तो देश को ऐसे अनपढ़ और दागी चेहरे जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं देखने पड़ते। इसलिए इनके योगदान को देखते हुए इन्हें भारत रत्न मिलना ही चाहिए।
बिहार हलचल न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा लोकसभा और कई विधानसभाओं में दागी और कम पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। ऐसे में चुनाव आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग भले ही व्यंग्य के तौर पर की जा रही हो, लेकिन यह तंज सीधे-सीधे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवालों की ओर इशारा करता है।
आपकी क्या राय है क्या वाकई चुनाव आयोग को और सख्त होना चाहिए ताकि सदन में साफ-सुथरी छवि वाले लोग ही पहुंचें ।

