जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से शिविर एवं पोर्टल का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार में सहभागी बनने की अपील की
अजय कुमार ठाकुर
मधुबनी/विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान, शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों एवं प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जिले में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 29 सितंबर, 27 अक्टूबर, 24 नवंबर एवं 29 दिसंबर 2026 को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित होंगे। प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों में विद्यार्थियों की समस्याओं की सुनवाई के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार से संबंधित उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएंगे।
मधुबनी जिले के 21 प्रखंडों के 54 शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के सफल, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी संचालन के लिए संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। संबंधित अधिकारियों एवं संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि शिविर में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई
सुनिश्चित करें।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल बनेगा विद्यार्थियों की आवाज का प्रभावी माध्यम
विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं एवं सुझावों को ऑनलाइन माध्यम से सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का लोकार्पण 17 अगस्त को किया जा चुका है। विद्यार्थी इस पोर्टल के माध्यम से अपनी शैक्षणिक एवं छात्रावास संबंधी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार से संबंधित अपने सुझाव भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
पोर्टल : sahyog.bihar.gov.in
हेल्पलाइन नंबर : 1100
पोर्टल की व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। विद्यार्थी अपनी समस्या का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर उसे संबंधित प्रशासनिक विभाग के संज्ञान में ला सकेंगे। पोर्टल एवं शिविर के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों को संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिया जाएगा।
इन समस्याओं को प्रशासन के संज्ञान में ला सकेंगे विद्यार्थी
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं शिविर के माध्यम से मुख्य रूप से शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई एवं विद्यार्थियों से संबंधित समस्याओं को दर्ज कराया जा सकेगा। इनमें समय पर कक्षाओं का संचालन नहीं होना, शिक्षक अथवा प्राध्यापक का समय पर कक्षा में उपस्थित नहीं होना अथवा अनधिकृत अनुपस्थिति, परीक्षा का समय पर आयोजन नहीं होना तथा परीक्षा परिणाम के प्रकाशन में विलंब जैसी समस्याएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त निर्धारित एवं अधिकृत शुल्क से संबंधित समस्या, कक्षाओं में बिजली एवं प्रकाश की व्यवस्था, विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा, प्रयोगशाला की उपलब्धता एवं संचालन, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग से संबंधित समस्याओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में विधि-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को भी पोर्टल अथवा शिविर के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में लाया जा सकेगा।
विद्यार्थी केवल शिकायत ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार से संबंधित अपने उपयोगी, व्यावहारिक एवं रचनात्मक सुझाव भी प्रस्तुत कर सकेंगे। विद्यार्थियों के अनुभव एवं सुझावों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इनपुट के रूप में लिया जाएगा।
शिविर में उपलब्ध रहेगा कियोस्क
विद्यार्थी सहयोग शिविर के दिन संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में कियोस्क की व्यवस्था रहेगी। कियोस्क पर कंप्यूटर, प्रिंटर एवं इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ऑनलाइन शिकायत अथवा सुझाव दर्ज करने में कठिनाई होने पर विद्यार्थियों को कियोस्क पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अथवा प्रतिनिधि द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी जानकारी के अभाव अथवा ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई के कारण कोई विद्यार्थी अपनी समस्या अथवा सुझाव दर्ज कराने से वंचित न रहे। विद्यार्थी अपनी समस्या का विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज कर सकेंगे तथा आवश्यकतानुसार संबंधित दस्तावेज अथवा प्रमाण भी उपलब्ध करा सकेंगे।
शिकायतों एवं सुझावों पर होगी निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
पोर्टल अथवा विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों को संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा समेकित एवं वर्गीकृत किया जाएगा। जिन समस्याओं का समाधान शैक्षणिक संस्थान अथवा संबंधित विभाग के स्तर पर संभव होगा, उनके निराकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकारी योजनाओं एवं विभागीय प्रावधानों के अंतर्गत लागू किए जा सकने वाले उपयोगी सुझावों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिन समस्याओं अथवा सुझावों के समाधान के लिए उच्चस्तरीय निर्णय अथवा नीतिगत हस्तक्षेप आवश्यक होगा, उन्हें उच्चस्तरीय शिक्षा सुधार समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।
इस प्रकार विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं शिविर केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं की पहचान, उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाली प्रभावी व्यवस्था के रूप में कार्य करेगा।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से सक्रिय सहभागिता एवं लाभ उठाने की की अपील की
जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने जिले के सभी विद्यार्थियों से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं विद्यार्थी सहयोग शिविर का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि वे अपनी वास्तविक शैक्षणिक समस्याओं को स्पष्ट एवं तथ्यात्मक रूप से प्रशासन के संज्ञान में लाएं तथा शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उपयोगी एवं रचनात्मक सुझाव भी प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उनका समयबद्ध निष्पादन किया जाए।
जिला प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं नियमित विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान, शैक्षणिक संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, विद्यार्थियों एवं प्रशासन के बीच बेहतर संवाद तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है।

