वेतन के लिए संघर्ष, फिर करोड़ों का कोचिंग हब क्यों? बबलू प्रकाश ने बिहार सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
राजकुमार यादव
पटना / आम आदमी पार्टी बिहार के राज्य कार्यक्रम प्रभारी बबलू प्रकाश ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पटना के बाहर कोचिंग हब विकसित करने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को नई योजनाओं की घोषणा से पहले बिहार की वर्तमान आर्थिक स्थिति और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
बबलू ने कहा कि पटना में कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित करना, छात्रों को बेहतर सुविधा देना और शहर की यातायात व्यवस्था सुधारना एक सकारात्मक सोच हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि बिहार सरकार की वर्तमान आर्थिक स्थिति में ऐसी बड़ी परियोजना के लिए धन कहां से आएगा?
उन्होंने कहा कि आज बिहार में विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी नियमित वेतन भुगतान की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुधार की आवश्यकता है। कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव है। ऐसे में सरकार की पहली प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होनी चाहिए, न कि केवल नई घोषणाएं करना।
AAP नेता ने कहा कि बिहार सरकार को यह बताना चाहिए कि जब राज्य के कई विभागों में वेतन भुगतान की चुनौतियां हैं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के भुगतान के लिए वित्तीय दबाव है, तब कोचिंग हब के लिए जमीन अधिग्रहण, निर्माण, सड़क, बिजली, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर होने वाले खर्च की व्यवस्था कैसे होगी?
उन्होंने सवाल किया कि: क्या सरकार ने कोचिंग हब के लिए बजट प्रावधान किया है?
क्या जमीन अधिग्रहण और निर्माण के लिए कोई स्पष्ट वित्तीय रोडमैप तैयार है?
क्या सरकार जनता को बताएगी कि इस परियोजना पर कितना खर्च आएगा?
बबलू प्रकाश ने कहा कि बिहार की असली समस्या कोचिंग संस्थानों का स्थान नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था की कमजोरी है। अगर सरकारी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय मजबूत होंगे तो गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को महंगी कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को पहले: विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों का नियमित वेतन सुनिश्चित करना चाहिए। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च बढ़ाना चाहिए।
बबलू कुमार ने कहा कि विकास केवल नई इमारतों और टाउनशिप बनाने से नहीं होता, बल्कि मजबूत संस्थानों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन से होता है। बिहार की जनता को घोषणाओं से ज्यादा धरातल पर काम चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सरकार को कोचिंग हब योजना का पूरा वित्तीय विवरण सार्वजनिक करना चाहिए और पहले बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

