योग का क्रेज अब बस केवल योग दिवस तक ही सीमित होता जा रहा है और इसे लेकर बस रिकॉर्ड बनाए जा रहे है लेकिन जमीन पर कुछ रिकॉर्ड नहीं
सुरेंद्र कुमार सिंह की
योग का क्रेज अब बस केवल योग दिवस तक ही सीमित होता जा रहा है और इसे लेकर बस रिकॉर्ड बनाए जा रहे है लेकिन जमीन पर कुछ रिकॉर्ड हो नहीं रहा है।
कोई चलती ट्रेन में योग कर रहा है तो कोई उड़ते हुए जहाज में, कोई पानी के अंदर योग कर रहा है तो कोई हवा में। देश की सारी फौज को तो पहले ही लगा रखा है कि तुम सियाचिन से योग की फोटो भेजना तो तुम फलाने एयरक्राफ्ट कैरियर से। तस्वीरों में कुत्ते योग कर रहे है, गाय भी और बकरियां भी, मानो अब बस इंद्र लोक से बस देवो की योग करते हुए तस्वीर आनी बाकी रह गई है।
यहां जो अपने दो पैरों पर अच्छे से खड़ा नहीं हो पा रहा है वो भी योग का ब्रांड एम्बेसडर बनने की कोशिश कर रहा है और किसी की तोंद इतनी निकली है कि उसका मुंह और घुटने जमीन नहीं छू पा रहे है वो भी योग योग चिल्ला रहा है।
हम अच्छी चीजों को बस इवेंट और फोटोबाजी में बदलते जा रहे है। साफ सफाई की बात हो, गंदगी न फैलाने की बात हो या फिर योग करने की बात हो ग्राउंड पर कम और हवा में ज्यादा हो रहा है।

