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औद्योगिक विकास को गति देने हेतु माननीय मंत्री ने की विभागीय समीक्षा बैठक।। 2.मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संकट प्रबंधन समूह (CMG) की छठी उच्च स्तरीय बैठक संपन्न: बिहार के 20 जिले हुए गैसयुक्त, जन-सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में आई अभूतपूर्व तेजी

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न्यूज डेस्क 

पटना /उद्योग विभाग की माननीय मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान विभाग के क्रियात्मक कार्यों, विभिन्न योजनाओं की प्रगति, औद्योगिक विकास से जुड़े प्रमुख पहलुओं तथा विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक आधारभूत संरचना के विकास एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

माननीय मंत्री ने विभागीय योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन, बेहतर समन्वय एवं उद्योग अनुकूल वातावरण को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निवेशकों के लिए बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार करने तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

2.मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संकट प्रबंधन समूह (CMG) की छठी उच्च स्तरीय बैठक संपन्न: बिहार के 20 जिले हुए गैसयुक्त, जन-सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में आई अभूतपूर्व तेजी

 

पटना/खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत आज संकट प्रबंधन समूह (Crisis Management Group – CMG) की छठी महत्वपूर्ण बैठक मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित की गई. इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की प्रगति, घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति की स्थिति और पेट्रोलियम उत्पादों (पेट्रोल-डीजल) की उपलब्धता की सघन समीक्षा की गई.
राज्य में सीजीडी (CGD) बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है. गत 5 मई 2026 को सहरसा और आज 18 मई 2026 को बांका जिले के गैसयुक्त होने के साथ ही राज्य के कुल 20 जिले (50% से अधिक) अब गैस नेटवर्क से जुड़ चुके हैं. जहां पिछले वर्ष राज्य में पीएनजी कनेक्शन की रफ्तार लगभग 3,000 से 3,500 प्रति माह थी , वहीं अप्रैल 2026 में यह रिकॉर्ड स्तर पर बढ़कर 10,952 कनेक्शन प्रति माह तक पहुंच गई है. मई माह में 18 तारीख तक ही 6,252 नए डी-पीएनजी (D-PNG) कनेक्शन लाइव किए जा चुके हैं. बिहार राज्य में 18 मई 2026 तक कुल 1.15 लाख घरेलू पीएनजी (D-PNG) कनेक्शन लाइव किए जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों में 70 नए औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों को जोड़ा गया है, जिससे मार्च की तुलना में अप्रैल 2026 में दैनिक गैस बिक्री की मात्रा में लगभग 27% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है.

राज्य में 18 मई 2026 तक की स्थिति के अनुसार औसत दैनिक रिफिल आपूर्ति 3,59,391 सिलेंडर की है. वर्तमान में राज्य स्तर पर औसतन 4.33 दिनों का डिलीवरी बैकलॉग है, जिसे कम करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं. एलपीजी सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में व्यापक छापेमारी की गई है. अब तक कुल 30,500 गैस एजेंसियों और 29,663 अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है. इस दौरान कुल 2,333 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए, 40 मामले आवश्यक वस्तु अधिनियम (6A) के तहत दर्ज किए गए और कुल 154 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं.

राज्य के सभी 3,590 रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंप) पर परिचालन पूरी तरह सामान्य है. मार्च 2026 की तुलना में वर्तमान कृषि सीजन के चलते डीजल (HSD) की नोजल बिक्री में 10% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसकी निर्बाध आपूर्ति के लिए तेल कंपनियां पूरी तरह मुस्तैद हैं.
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों और तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL, GAIL) को जनहित में निम्नलिखित दिशा-निर्देश और निर्देश जारी किए:
लंबित आवेदनों का त्वरित निपटारा: पीएनजी के लिए राज्य में वर्तमान में 31,774 आवेदन लंबित हैं. मुख्य सचिव ने सभी संबंधित सीजीडी संस्थाओं को अतिरिक्त मानव बल और ठेकेदारों को तैनात कर इन लंबित आवेदनों को मिशन मोड में निपटाने का निर्देश दिया.

प्रशासनिक सहयोग और भूमि आवंटन: जिन गैर-गैसयुक्त 9 जिलों (जैसे कैमूर, सीवान, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण आदि) में सिटी गेट स्टेशन (CGS) या डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटिंग स्टेशन (DRS) के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है, वहां जिलाधिकारी (DM) आपसी समन्वय से भूमि संबंधी मामलों को तुरंत सुलझाएं. मधुबनी जिले में एक वर्ष से लंबित वन विभाग की मंजूरी (Forest Clearance) के मामले में मुख्य सचिव ने तुरंत समन्वय स्थापित कर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने का आदेश दिया.

दूरसंचार और निर्माण कार्यों के लिए निर्बाध डीजल: राज्य में चल रहे बुनियादी ढांचागत निर्माण कार्यों और दूरसंचार (टेलीकॉम) टावरों के संचालन के लिए डीजल की आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं.

श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर: निर्माण कार्य में लगे और अनुबंधित लाभार्थियों/मजदूरों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम के एफटीएल (FTL) सिलेंडरों की उपलब्धता बाजार में अनिवार्य रूप से बनाए रखने का निर्देश दिया गया है.

मुख्य सचिव ने अंत में आश्वस्त किया कि वर्तमान में संपूर्ण बिहार राज्य में तेल और एलपीजी गैस को लेकर किसी भी प्रकार की कोई तीव्र या गंभीर संकट की स्थिति नहीं है । सभी प्रणालियां सुचारू और नियंत्रण में हैं ।