सरकारी जमीन पर पुराना कब्जा भी हटेगा कलेक्टर स्तर पर होगी जांच फर्जी दस्तावेजों पर होगी कार्रवाई
न्यूज डेस्क
पटना/ बिहार सरकार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और फर्जी दावे को लेकर बड़ा सख्त आदेश जारी किया है। अब पुराना कब्जा भी नहीं बचेगा, सभी मामलों की जांच कलेक्टर स्तर पर होगी।
सरकार के 3 बड़े फैसले
कलेक्टर स्तर ही माना जाएगा मूल दस्तावेज
राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जमीन के स्वामित्व का अंतिम निर्णय कलेक्टर स्तर पर ही माना जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास पुराना दाखिल-खारिज, रसीद या अन्य दस्तावेज हैं भी, तो उसकी पुष्टि राजस्व अधिकारियों से करानी होगी। इसके बाद ही जमीन पर उसका दावा स्वीकार किया जाएगा।
स्वामित्व का प्रमाण देना अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध दस्तावेजों के केवल लंबे समय से कब्जा का जमीन पर स्वामित्व का अधिकार नहीं माना जाएगा। सरकारी जमीन का रजिस्ट्रेशन तथा दाखिल-खारिज के बाद ही किसी व्यक्ति को जमीन का मालिक माना जाएगा। फर्जी कागजात के सहारे कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी दस्तावेजों पर होगी कार्रवाई
विभाग के अनुसार, कई मामलों में और गलत नाम से रजिस्ट्रेशन कर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है। अब ऐसी किसी भी शिकायत पर कलेक्टर स्तर से जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सरकार की मंशा है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
30 दिन में देना होगा ब्यौरा
जिलाधिकारियों को जांच कर 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

