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त्रिशूला नदी किनारे गूंजे इंद्र देव के जयकारे भगवतीपुर में कलश स्थापना के साथ शुरू हुई 5 दिवसीय महापूजा मेले में उमड़ा जनसैलाब

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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न्यूज डेस्क 

मधुबनी जिले के भारत-नेपाल सीमा से सटे लदनियां प्रखंड के भगवतीपुर गांव के समीप त्रिशूला नदी के किनारे इंद्र देव की महापूजा धूमधाम और भक्ति-उल्लास के साथ शुरू हो गई है। वैदिक मंत्रोच्चार और 101 कलश के साथ कलश स्थापना की गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इंद्र देव महाराज की जय के जयकारे गूंजने लगे।

आस्था और परंपरा का संगम

ग्रामीणों के अनुसार, भगवतीपुर में इंद्र देव की पूजा की परंपरा काफी पुरानी है। मान्यता है कि त्रिशूला नदी के किनारे इंद्र देव की पूजा करने से क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है, फसल अच्छी होती है और गांव में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसी मान्यता के चलते हर साल भादो महीने में यहां भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है। इस बार पूजा को और भी भव्य रूप दिया गया है।

कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर त्रिशूला नदी से जल भरकर पूजा स्थल तक पहुंचीं। इस दौरान पूरे गांव में भक्ति का माहौल बना रहा। पूजा स्थल को रंग-बिरंगे लाइटों और फूलों से सजाया गया है।

हजारों की भीड़, मेले में रौनक

पूजा शुरू होते ही मेले में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। लदनियां, खुटौना, बासोपट्टी और नेपाल के सीमावर्ती गांवों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। मेले में बच्चों के लिए बड़ा झूला, छोटा झूला, मीना बाजार, चाट-गोलगप्पा* की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

मेला कमिटी के अध्यक्ष ने बताया कि इस बार मेले में प्रतिदिन संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए कलाकार भी भजन-कीर्तन और लोक गीतों की प्रस्तुति देंगे। बच्चों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं।

मेला कमिटी की अपील  अफवाह से बचें

मेला कमिटी के सदस्यों ने बिहार हलचल न्यूज़ से बात करते हुए कहा, हम सभी श्रद्धालुओं और मेला प्रेमियों से अपील करते हैं कि मेले में आएं और शांतिपूर्ण तरीके से पूजा और मेले का आनंद लें।

कमिटी ने साथ ही सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि *मेले में अफवाह फैलाने, छेड़खानी करने या किसी भी प्रकार की गलत हरकत करने वालों पर कमिटी की विशेष नजर रहेगी। ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दर्जनों स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं और स्थानीय थाना को भी सूचित किया गया है।

प्रशासन भी सतर्क

इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। त्रिशूला नदी के किनारे होने के कारण बच्चों पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।

कुल मिलाकर भगवतीपुर का इंद्र देव पूजा स्थल इन दिनों भक्ति, आस्था और मेले की रौनक से सराबोर है।