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भ्रष्टाचार के आरोप में हेडमास्टर निलंबित।। 2. रिश्वत मांगने के आरोप में शिक्षा विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी निलंबित

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न्यूज डेस्क 

पटना/ अवैध परीक्षा शुल्क वसूलने, चेतना सत्र में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के साथ अपमानजनक व्यवहार तथा भ्रष्टाचार के आरोपों में शिक्षा विभाग ने सोमवार को एक प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया था।
निलंबित किए गए हेडमास्टर खुर्शीद हुसैन अंसारी सीवान के महाराजगंज स्थित प्रैक्टिकल उच्च विद्यालय, सिकटिया में कार्यरत थे। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। निलंबन के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू की गई है। जांच के लिए पीएम पोषण योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को संचालन पदाधिकारी तथा महाराजगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है। निलंबन अवधि में अंसारी का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, जीरादेई तय किया गया है। उनके खिलाफ आरोपपत्र अलग से गठित किया जाएगा।

2.रिश्वत मांगने के आरोप में शिक्षा विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी निलंबित

 

पटना/ शिक्षा विभाग ने रिश्वत मांगने के आरोप में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी के सख्त निर्देश के बाद सोमवार को विभाग ने यह कार्रवाई की। श्री तिवारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि विभाग में भ्रष्ट आचरण और रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग में कामकाज पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ होना चाहिए।
सेक्शन 7 के पदाधिकारी आशीष पर 115 याचिकाकर्ताओं से ग्रेड पे का लाभ दिलाने के बदले प्रति व्यक्ति 2000 रुपए मांगने का आरोप है। कुल 2 लाख रुपए की मांग किए जाने की शिकायत सामने आई है।
मामला बेगूसराय जिले के नवीन प्राथमिक विद्यालय, लखनपुर के विशिष्ट शिक्षक राजू कुमार की ओर से दर्ज कराए गए परिवाद से जुड़ा है। इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार विरमन तिथि से ग्रेड पे का लाभ देने से संबंधित काम होना था। आशीष पर आरोप है कि इस काम को पूरा करने के बदले याचिकाकर्ताओं से पैसे मांगे गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने आशीष को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय निदेशक, जन शिक्षा कोषांग तय किया गया है।
शिक्षा मंत्री श्री तिवारी ने कहा कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा आम लोगों से पैसे मांगने की शिकायत सामने आती है और जांच में मामला सही पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी काम के लिए पैसे मांगना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी।