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मनिहारी में बाढ़ की भयावह तस्वीर नाव से गांवों में पहुंचे पप्पू यादव

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न्यूज डेस्क 

कटिहार/जिले के मनिहारी प्रखंड और नगर पंचायत में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच सांसद पप्पू यादव लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने चरवाहा विद्यालय, वार्ड नंबर 01, 06 और 08 के अलावा सिग्नल टोला, ईदगाह टोला (पूरब टोला), वार्ड नंबर 14, आजमपुरगोला वार्ड नंबर 09 सहित कई इलाकों का जायजा लिया। कई जगहों पर पानी के कारण लोगों को सड़क किनारे और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर पाया। सांसद ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अपनी ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।

सिग्नल टोला के वार्ड नंबर 01 और 08 में सांसद नाव के जरिए बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे और हजारों लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही अपनी ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की। मैदनीपुर और मिर्जापुर गांव में वे खुद ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। वहीं गोआगाछी और करीमुल्लाह पंचायत में एसडीआरएफ की टीम के साथ पहुंचकर लोगों की स्थिति जानी। गोआगाछी में उन्हें जानकारी मिली कि दियारा क्षेत्र की एक बच्ची को सांप ने काट लिया था और इलाज के लिए परिजन छोटी नाव से गंगा पार जा रहे थे। सांसद ने बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक मदद की। इलाज के लिए बच्चों को लेकर जा रही कुछ अन्य महिलाओं को भी सहायता दी।

ईदगाह टोला और आजमपुरगोला में सांसद ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया। लोगों से भोजन और राहत व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। सिग्नल टोला में सामुदायिक किचन की स्थिति देखने के दौरान भोजन की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। लोगों ने बताया कि भोजन में सोयाबीन, आलू और चावल दिया जा रहा है। सांसद के अनुसार, कुछ स्थानों पर सोयाबीन को पर्याप्त तेल और उचित तरीके से पकाने के बजाय केवल गर्म पानी में तैयार कर परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई परिवार मजबूरी में मक्के का दर्रा खाकर गुजारा कर रहे हैं।

सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचन की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। कहीं गैस की समस्या है तो कहीं चावल और दूसरी जरूरी सामग्री का अभाव है। उन्होंने यह भी कहा कि कई गांवों में बिजली कई दिनों से बंद है और लोगों को पीने के पानी तथा भोजन तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उनके अनुसार, कई परिवार बाढ़ के पानी के बीच झुग्गियों और अस्थायी ठिकानों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन से गंभीरता बरतने की मांग की।

पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के नाम पर किसी भी तरह की खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकारी राहत जमीन पर दिखाई देनी चाहिए और प्रभावित लोगों को सम्मानजनक भोजन, पीने का पानी तथा जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा करते रहेंगे और जरूरतमंद परिवारों की मदद करते रहेंगे। जनता की परेशानी को अपनी परेशानी बताते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत मिलने तक उनकी आवाज मजबूती से उठाई जाएगी।