लक्ष्मीनिया पंचायत में विकास के नाम पर 4 साल से लूट एक ही पोखर में मनरेगा से 5 चबूतरा हकीकत में काम शून्य
न्यूज डेस्क
मधुबनी/लदनियां प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मीनिया पंचायत में बिहार सरकार भले ही पंचायती राज को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन लदनियां प्रखंड के लक्ष्मीनिया पंचायत में यह पैसा दलालों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से लूटा जा रहा है।
क्या है पूरा खेल
ग्रामीणों के अनुसार पिछले लगभग चार वर्षों में पंचायत में मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के नाम पर जमकर घोटाला हुआ है। सबसे बड़ा उदाहरण है पंचायत के एक पोखर का। कागजों में दिखाया गया है कि इस एक पोखर पर मनरेगा से पांच बार चबूतरा का निर्माण कराया गया है। जबकि हकीकत यह है कि मौके पर एक भी चबूतरा सही ढंग से नहीं बना है और निर्माण पूरी तरह गलत और गुणवत्ताहीन है।
विकास शून्य, दलाल हावी
पंचायत में नली-गली, सड़क, नाला जैसी कोई भी विकास योजना धरातल पर नहीं दिख रही है। आरोप है कि मुखिया की सीधी मिलीभगत से दलालों का एक सक्रिय गिरोह चल रहा है जो हर योजना में कमीशन लेकर फर्जी मापी पुस्तिका तैयार कर देता है।
जांच में भी मिलीभगत का खेल
जब भी वरीय पदाधिकारियों द्वारा जांच का आदेश होता है, तो पदाधिकारी के आने से पहले ही मिलीभगत वाले लोगों को जानकारी दे दी जाती है और कागजों को दुरुस्त कर लिया जाता है। इस वजह से आज तक किसी भी जांच में सच्चाई सामने नहीं आ पाई है।
अब पंचायत के जागरूक लोगों ने मुखिया द्वारा मचाई जा रही इस लूट के खिलाफ आवाज उठाई है। सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब ऊपर के अधिकारी इसकी निष्पक्ष जांच कराते हैं और दोषियों पर कार्रवाई करते हैं।

