बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सुरेंद्र कुमार सिंह
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल क्रियान्वयन एवं व्यापक तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अभियान के सभी 13 प्रमुख घटकों की विभागवार स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की संध्या को आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक घर तथा हर जिले के कम-से-कम 10 प्रमुख व प्रतीकात्मक सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कराया जाएगा। इसके लिए जीविका, नगर निकायों और जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों तक दीया पहुँचाया जाएगा। वहीं, 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत संकल्प’ विषय पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिसके साथ ही अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का भी आयोजन किया जाएगा।
जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ‘सेवा स्मरण’ के तहत पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं पर आधारित 18-20 नाट्य टोलियाँ गठित की जाएँगी, जो स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगी और 2 अक्टूबर को विशेष मंचन करेंगी। इसके साथ ही 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय आयोजन होगा, जिसमें आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, लाभार्थी माताओं से संवाद और बच्चों की मनोरंजक गतिविधियों के साथ-साथ पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को उजागर करने के लिए ‘कहानी बदलाव की’ घटक के अंतर्गत वास्तविक रील्स व लघु वीडियो का संकलन कर जिला और राज्य स्तरीय डिजिटल डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के माध्यम से राज्य व जिलों में पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएँगी, जिनमें ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवक भाग लेंगे और समापन पर ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
राष्ट्रव्यापी ‘वडनगर से वाराणसी (जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा)’ के बिहार से गुजरने पर पड़ाव स्थलों पर भव्य स्वागत, सुरक्षा, ठहरने और स्थानीय लाभार्थियों से संवाद की व्यवस्था की जाएगी। जन-भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत तालाबों व छठ घाटों की सफाई, वृक्षारोपण और स्वच्छता संबंधी 25 गतिविधियां चलाई जाएँगी, जिनमें प्रत्येक विधानसभा के कम-से-कम दो स्थलों पर प्रत्यक्ष दृश्य परिवर्तन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को त्वरित लाभ पहुँचाने हेतु ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ब्लॉक व विधानसभा स्तर पर ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर आयोजित होंगे, जहाँ केंद्र की 26 प्रमुख योजनाओं सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया जाएगा। वहीं, ‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत नगर निकायों के प्रमुख स्थलों पर मानव रंगोली तथा चयनित शहरों में 108 मीटर व्यास के “भारत मंडला” का निर्माण कर ड्रोन कवरेज कराई जाएगी।
स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाशने के लिए ‘नवाचार चुनौती’ के तहत उद्योग तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएँगे। ‘जनसेवक महाकुंभ’ के अंतर्गत पंचायत व नगर निकायों के सक्रिय व योग्य प्रतिनिधियों की सूची तैयार कर उनकी राज्यस्तरीय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के अंतिम घटक ’25 साल, 25 कहानियाँ (राष्ट्रीय अनबॉक्सिंग)’ के तहत राज्य व जिला स्तर की प्रमुख उपलब्धियों की तथ्यात्मक सामग्री व क्यूरेटेड किट्स का राष्ट्रीय स्तर पर समयबद्ध समन्वय व वितरण किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्य अभियान के साथ-साथ राज्य में 17 सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ भी चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत मुख्य रूप से शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पंचायती राज विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संबंधित कार्यों का निष्पादन किया जाएगा। इसके तहत संबंधित विभागों को सभी प्रकार के मरम्मत कार्यों को 30 नवंबर तक पूरा करने, सभी सरकारी भवनों का रंग-रोगन दिवाली तक संपन्न कराने और स्वीकृत नए निर्माण कार्यों को मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करने की सख्त समय-सीमा तय की गई है।

