पीएम श्री योजना के लिए पिछले बजट की राशि मंजूर करे केंद्र ।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एमएसडीई के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने पटना में एनएसटीआई (महिला) के स्थायी कैंपस की घोषणा।। 3. बिहार विधान परिषद में विपक्ष की हंगामे की वजस से प्रश्नकाल बाधित
राजकुमार
पटना/पीएम श्री योजना के वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजट में की गई कटौती पर बिहार का पक्ष रखते हुए माननीय शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्र सरकार से पूर्व निर्धारित बजट को बहाल करने का अनुरोध किया है। गुरुवार को नई दिल्ली के पूसा स्थित आईसीएआर सभागार में आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक के अंतिम दिन माननीय शिक्षा मंत्री ने विद्यालयी शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र के समक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि बिहार बाढ़ प्रभावित राज्य है। इससे हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यालयों की आधारभूत संरचना क्षतिग्रस्त होती है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया। साथ ही पीएम श्री विद्यालयों में आईसीटी लैब की स्थापना के लिए प्रति यूनिट स्वीकृत राशि बढ़ाने, 4,602 नई आईसीटी लैब के लिए राशि स्वीकृत करने तथा एसएनए स्पर्श व्यवस्था पूरी तरह लागू होने तक वर्तमान एसएनए खाते के माध्यम से योजनाओं के संचालन की अनुमति देने का आग्रह किया।
इसके अलावा श्री तिवारी ने समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति की मांग की। इनमें 3,898 विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब की 40.64 करोड़ की लंबित राशि का भुगतान, भूमि विवाद एवं स्थानाभाव से प्रभावित 1,275 विद्यालयों के स्थान परिवर्तन की मंजूरी तथा पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्मार्ट बोर्ड, अतिरिक्त कक्षाओं, शौचालयों की मरम्मत और बैंड यूनिफॉर्म जैसी गतिविधियों के लिए 21.96 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति शामिल है। इन तीनों प्रस्तावों के तहत केंद्र से कुल 62.60 करोड़ की मंजूरी का अनुरोध किया गया है।
माननीय शिक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रस्तावों की स्वीकृति से राज्य में विद्यालयी अधोसंरचना और मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
2.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एमएसडीई के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने पटना में एनएसटीआई (महिला) के स्थायी कैंपस की घोषणा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एमएसडीई के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने पटना में एनएसटीआई (महिला) के स्थायी कैंपस की घोषणा की; एमएसडीई और बिहार सरकार ने पटना में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एसआईआईसी) के लिए एमओयू का आदान-प्रदान किया।
बिहटा – बिहार के युवाओं के लिए वैश्विक रोज़गार के अवसरों और महिलाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी तथा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना में महिलाओं के लिए नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर विमेन (एनएसटीआई-महिला) और स्किल इंडिया इंटरनेशनल के स्थायी कैपस की स्थापना की घोषणा की।
एनएसटीआई (महिला), पटना के स्थायी कैंपस का शिलान्यास प्रोजेक्ट साइट पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ ट्रेनिंग (डीजीटी) के डायरेक्टर जनरल श्री दिलीप कुमार ने किया। इस अवसर पर, भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) और बिहार सरकार ने बिहार में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एसआईआईसी) स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया।
ये दोनों पहलें मिलकर महिलाओं के लिए एडवांस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग को मज़बूत करेंगी और बिहार के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोज़गार के अवसरों तक पहुंचने के लिए स्ट्र्क्चर्ड पाथवे तैयार करेंगी।
एनएसटीआई (महिला), पटना का स्थायी कैंपस सिकंदरपुर बिहटा में 99.97 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित किया जाएगा। कैंपस में एक मॉडर्न एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल होगा, जिससे इंस्टीट्यूट अपनी ट्रेनिंग कैपेसिटी का काफी विस्तार कर सकेगा और इंडस्ट्री के हिसाब से और फ्यूचर-रेडी कोर्स शुरू कर सकेगा।
भारत सरकार से लगभग 7 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला प्रस्तावित स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, बिहार के युवाओं को ग्लोबल करियर के लिए तैयार करेगा। इसके लिए उन्हें विदेशी भाषा की ट्रेनिंग, इंटरनेशनल रोज़गार से जुड़ी सलाह, सर्टिफ़िकेशन में मदद, विदेश जाने से पहले की जानकारी और सुरक्षित माइग्रेशन में सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, सिकंदरपुर, बिहटा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट फॉर विमेन (एनएसटीआई-महिला) का शिलान्यास और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर बनाने के लिए भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच एमओयू का आदान-प्रदान, बिहार के स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लगभग 99.97 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला एनएसटीआई (महिला) कैंपस युवा महिलाओं को क्वालिटी, इंडस्ट्री-अलाइन्ड ट्रेनिंग देगा और उन्हें उभरते रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा। इसी तरह, स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कौशल से लैस करेगा और भारत व विदेशों में रोज़गार के नए रास्ते खोलेगा। ये सभी पहलें मिलकर हमारे युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और वैश्विक अवसरों से जोड़ेंगी, साथ ही ‘समृद्ध बिहार’ और ‘विकसित भारत’ के हमारे साझा विज़न को नई गति देंगी।”
इस अवसर पर बोलते हुए केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सह शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा “महिलाओं के नेतृत्व में विकास भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पटना में एनएसटीआई (महिला) का स्थायी कैंपस महिलाओं को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स और नए मौके उपलब्ध कराने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, ग्लोबल स्तर की ट्रेनिंग, भाषा कौशल और सुरक्षित माइग्रेशन में मदद के ज़रिए बिहार के युवाओं को इंटरनेशनल करियर के लिए तैयार करके इस प्रयास को और मज़बूत बनाएगा। ये सभी पहलें मिलकर बिहार के वर्कफ़ोर्स को मज़बूत करेंगी और ‘विकसित भारत’ के विज़न में योगदान देंगी।”
एनएसटीआई (महिला), पटना, बिहार में महिलाओं के लिए विशेष तौर पर बना केंद्र सरकार का एकमात्र स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है। इस इंस्टीट्यूट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और यह अभी एक अस्थायी कैंपस से चल रहा है और क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम (सीआईटीएस) और क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) के तहत लॉन्ग टर्म ट्रेनिंग देता है।
इस संस्थान ने अपने अस्थायी कैंपस से इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, फ़ैशन डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कॉस्मेटोलॉजी में ट्रेनिंग दी है। इसने पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, निस्बड के प्रोग्राम, डीजीआर -ईडीपी, स्ट्राइव और दूसरे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम जैसी पहलों के तहत महिलाओं को भी ट्रेनिंग दी है।
एक बार चालू हो जाने पर, यह स्थायी कैंपस बिहार और पड़ोसी राज्यों में महिलाओं के कौशल विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में काम करेगा। यहाँ आधुनिक प्रयोगशालाएँ, बेहतर रहने की सुविधाएँ और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि महिलाओं को तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था में रोज़गार, उद्यमिता और नए अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
डीजीटी की ओर से बनाई गई ट्रेड सिलेक्शन कमिटी की सिफारिशों के आधार पर, संस्थान सीआईटीएस और सीटीएस के तहत 13 ट्रेड शुरू करने का प्रस्ताव रखता है। इनमें पारंपरिक और महिलाओं पर केंद्रित ट्रेड के साथ-साथ एआई और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्रोन टेक्नीशियन, सोलर टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी टेक्नीशियन जैसे नए क्षेत्र भी शामिल होंगे। प्रस्तावित कोर्स से कुल 435 ट्रेनीज़ के लिए सालाना ट्रेनिंग क्षमता मिलेगी।
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे बिहार के युवाओं के लिए एक खास ज़रिया बनेगा। यह सेंटर अंग्रेज़ी, जर्मन, जापानी और फ़्रेंच जैसी भाषाओं में ट्रेनिंग के साथ-साथ इंटरनेशनल प्लेसमेंट काउंसलिंग, सर्टिफ़िकेशन में मदद और माइग्रेशन से जुड़ी सहायता भी देगा।
यह सेंटर इलेक्ट्रिकल सर्विस, प्लंबिंग, कंस्ट्रक्शन, एग्रीकल्चर और दूसरे उभरते हुए ट्रेड जैसे ज़्यादा डिमांड वाले सेक्टर में इंडस्ट्री के हिसाब से ट्रेनिंग भी देगा। यह ट्रेनिंग इंटरनेशनल ऑक्यूपेशनल स्टैंडर्ड और उन देशों की वर्कफोर्स की ज़रूरतों के हिसाब से होगी जहाँ लोग काम करने जाएंगे।
इस समारोह में श्रम संसाधन, प्रवासी श्रमिक कल्याण और युवा, रोज़गार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, भारत सरकार और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्किल डेवलपमेंट इकोसिस्टम के प्रतिनिधि शामिल हुए।
3. बिहार विधान परिषद में विपक्ष की हंगामे की वजस से प्रश्नकाल बाधित
बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पटना में हुए छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। डाक बंगला चौराहे पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में जमकर बहस हुई। देखते ही देखते मामला इतना गरमा गया कि विधान परिषद की कार्यवाही महज 16 मिनट के अंदर ही स्थगित करनी पड़ी। सदन की शुरूआत के साथ ही सरकार की ओर से पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान विधायकों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले का मुद्दा उठाया गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को चिन्हित कर उनके साथ इस तरह का व्यवहार करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने विधायकों के साथ गलत व्यवहार किया है, उनकी पहचान की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ किया कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के इस बयान के बाद विपक्षी विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए और जमकर विरोध करने लगे। विपक्ष का कहना था कि पटना में प्रदर्शन कर रहे लोग छात्र थे और वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन पर पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और उनकी मांगों पर बातचीत होनी चाहिए, न कि लाठीचार्ज और कार्रवाई के जरिए उनकी आवाज दबाई जानी चाहिए। विपक्ष ने सरकार से छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्धकी की ओर से छात्र आंदोलन के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की गई। हालांकि सभापति ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और इसे पहले ही स्थगित कर दिया। इसके बाद राजद के विधान पार्षद इस मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा करने लगे। विपक्षी सदस्यों ने सभापति के फैसले का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख सभापति ने सदन की कार्यवाही को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। विधान परिषद में बढ़ते हंगामे को देखते हुए सभापति ने आखिरकार सदन की कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लिया। मानसून सत्र के चौथे दिन बिहार विधान परिषद की कार्रवाई शुरू होने के करीब 16 मिनट बाद ही दोपहर 2:30 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया गया। अब सभी की नजरें दोपहर बाद होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और विधायकों के साथ हुए विवाद का मुद्दा एक बार फिर सदन में उठ सकता है।

