मान्यता प्राप्त पत्रकारों को रेलवे में 50 फीसदी रियायत स्वीकृत
कृष्णा कुमार की रिपोर्ट
पटना/बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र में राजद सदस्य अशोक कुमार पांडेय ने सदन में गैर सरकारी संकल्प लाया, जिसे सदन में स्वीकृत कर लिया गया। परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने गैर सरकारी संकल्प के मध्यम से लाये गए पत्रकारों को रेलवे में 50 फीसदी रियायत संबंधी मामले को स्वीकृत कर लिया। परिवहन मंत्री ने इस गैर सरकारी संकल्प को स्वीकार करते हुए पत्रकारों को पूर्व में मिल रही सुविधा को पुनः बहाल करने के लिए राज्य सरकार केन्द्र सरकार को अनुशंसा भेजने के लिए प्रस्ताव को स्वीकृत किया। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सर्वसम्मति से प्रस्तावित गैर सरकारी संकल्प पर मुहर लगाते हुए केन्द्र सरकार को अग्रसित करने का निर्देश दिया।
इससे पूर्व राजद सदस्य अशोक कुमार पांडेय ने गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से मामले को उठाया और सदन को अवगत कराते हुए कहा कि पत्रकारों को पिछले 45 साल पहले जो सुविधा शुरू की गई थी। वह आज बंद है। जबकि 2009-10 के रेल बजट में पत्रकारों को रेल मंत्री ममता बनर्जी ने फोटो पहचान सह क्रेडिट कार्ड के रूप में पत्रकारों को मूल किराए में मिलने वाली छूट को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था। उसके बाद 2016-17 के रेलवे बजट में घोषणा के बाद भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी ने पत्रकारों के रियायती पास पर ई-टिकट बुक करने की सुविधा भी प्रदान कर दी। लेकिन दुर्भाग्यवश कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में इस छूट को केंद्र सरकार के द्वारा बंद कर दिया गया जो आज तक यथावत है। ऐसी सूरत में पत्रकारों को होने वाली परेशानी को देखते हुए सुविधा को पुनः बहाल करने की जरूरत है।
गौरतलब है कि प्रेस मेंस वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा इस मामले को पिछले कई वर्षों से लगातार उठाया जाता रहा है और कई बार राज्य सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि को इस मामले को संज्ञान में लाया जाता रहा है। पिछले सत्र में भी बिहार विधान सभा अध्यक्ष, बिहार विधान परिषद के सभापति समेत सरकार के कई मंत्री और कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि को इस मामले को सदन में उठाने के लिए मांग पत्र भी सौंपा गया और सबने सहमति भी जताई, जिसके फलस्वरुप आज इस मामले को न केवल सदन में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से उठाया गया बल्कि सरकार के द्वारा अनुशंसा कर केंद्र सरकार को भेजने पर भी सहमति जताई गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा, सचिव दया शंकर तिवारी और संगठन सचिव बाल कृष्ण, इकबाल इमाम, राजकुमार सिंह, राम दुलार यादव ने संयुक्त रूप से संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में आज उनकी यह पहली जीत है और हमलोग तब तक इस लड़ाई को जारी रखेंगे, जब तक की पत्रकार के हितों की रक्षा के लिए रेल विभाग रियायत संबंधी आदेश पत्र निर्गत नहीं कर देती है।

