भरत तिवारी प्रकरण पर फिर गरमाई सियासत
राम दुलार यादव
पटना/ भरत तिवारी प्रकरण को आधार बनाकर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। सरकार सख्त छवि का दिखावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। सिस्टम की नाकामी, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग देखा जा रहा है।भरत तिवारी ने सिस्टम के खिलाफ लंबा संघर्ष किया। 17 जून को हुई घटना के बाद जिला स्तर पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े चेहरों पर कार्रवाई नहीं हुई। छोटे अफसरों को बलि का बकरा बनाया गया।
सवाल सवाल है कि सख्ती सिर्फ दिखावे के लिए है ।राज्य सरकार सख्त छवि दिखाने के चक्कर में फंस गई है। एक तरफ बड़े-बड़े दावे ,दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर न्याय नहीं। भरत तिवारी जैसे लोग जब आवाज उठाते हैं तो सिस्टम उन्हें अकेला छोड़ देता है । मीडिया और समाज की चुप्पी पर भी सवाल हैं।

