आखिर कब तक सुधरेगा लक्ष्मीनिया पंचायत का आंगनबाड़ी केंद्र लोगों में चर्चा विभाग मौन
न्यूज डेस्क
मधुबनी/लदनियां प्रखंड के लक्ष्मीनिया पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में दावा किया जा रहा है कि पंचायत के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र अक्सर बंद रहते हैं और बच्चों को मिलने वाला पोषाहार उन तक नहीं पहुंच पा रहा है।
क्या हैं आरोप
1. केंद्र अक्सर बंद बिहार हलचल न्यूज की टीम जांच-पड़ताल के मुताबिक, कई आंगनबाड़ी केंद्र जांच के दौरान बंद मिले।
2. पोषाहार नहीं मिल रहा आरोप है कि सरकार द्वारा भेजा जाने वाला पोषाहार बच्चों तक नहीं पहुंचता। कुछ केंद्रों पर रजिस्टर में बच्चों की उपस्थिति दर्ज है, लेकिन मध्याह्न भोजन/THR वितरण नियमित नहीं हो रहा।
3. सुपरवाइजर पर लापरवाही का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित सुपरवाइजर सिर्फ औपचारिकता पूरी कर चले जाते हैं, फील्ड में मॉनिटरिंग नहीं होती।
पदाधिकारियों से संपर्क की कोशिश
जब इस संबंध में लदनियां के CDPO से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब जवाबदेह अधिकारी का फोन ही बंद हो तो व्यवस्था का हाल समझा जा सकता है।
BDO ने दिया कार्रवाई का आदेश
मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी से बात की गई। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर अभिलंब कार्रवाई की जाएगी। अगर लापरवाही मिली तो दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
लोगों का सवाल है कि सरकार बच्चों के पोषण के लिए हर महीने लाखों का बजट भेजती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण भी योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो पाता।
क्या कहता है नियम
ICDS गाइडलाइन के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र रोज खुलना, 3-6 साल के बच्चों को गर्म पका भोजन और गर्भवती/धात्री महिलाओं को THR देना अनिवार्य है। पोषाहार में गड़बड़ी IPC/BNS के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

