पंचायत और शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब प्रखंड स्तर पर भी आयोजित होगा जन कल्याण शिविर।। 2. बिहार की 3 पारंपरिक कलाकृति को जीआई टैग मिलना गौरवपूर्ण उपलब्धि।।3.जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत 7665 लाभुकों को दी गई सेवा।। 4. केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिले बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री राज्य में उच्च शिक्षा सुधारों एवं भावी कार्ययोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा।।
राजकुमार यादव
पटना/ग्राम और नगर पंचायत स्तर पर लगने वाले सहयोग शिविर के तर्ज पर ही अब राज्य के सभी 534 प्रखंडों में भी सहयोग सह जन कल्याण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दिशा में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा है कि ग्राम और नगर पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले सहयोग शिविर नियमित रूप से जारी रहेंगे। केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम नागरिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से 16 जून से 18 जून तक प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने पत्र में कहा है कि शिविर में आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, लखपति दीदी, वीबी जी राम जी, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान/छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, दिव्यांग कल्याण योजना, बीओसीडब्ल्यू-निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड एवं मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना आदि को शामिल किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने पत्र में शिविर में आने वाली जनता की सहूलियत में आवश्यक सभी सुविधाओं को लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि प्रत्येक दिन शिविर की समाप्ति पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) उसी दिन शाम सात बजे तक गुगल फार्म के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रेषित करेंगे।
इधर, मुख्य सचिव के पत्र को गंभीरता से लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्दर ने भी जिला पदाधिकारियों को पत्र भेजा है। 13 जून को जारी इस पत्र में कहा गया है कि 16 जून को पंचायत स्तर पर लगने वाले सहयोग शिविर के साथ-साथ प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर का आयोजन किया जाएगा। साथ ही प्रासंगिक पत्र में निर्देशित व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर का आयोजन भी समानांतर रूप से होगा।
बता दें कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोगों की समस्यों का समाधान करने के लिए पिछले महीने से सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को आयोजित होने वाले शिविर का ग्राम पंचायत स्तर पर पहला आयोजन 19 मई को किया गया था। इसके करीब एक सप्ताह बाद नगर पंचायत स्तर पर भी सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
2. बिहार की 3 पारंपरिक कलाकृति को जीआई टैग मिलना गौरवपूर्ण उपलब्धि
पटना /बिहार की 3 पारंपरिक कलाकृतियों को जीआई टैग प्रदान किया गया है। इससे इन पारंपरिक कलाकृतियों को वैश्विक स्तर पर विशिष्ठ पहचान मिली है। इस पर ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्री श्रवण कुमार ने नालन्दा की ‘बाबन बूटी साड़ी‘ कला, गया का ‘पत्थरकट्टी शिल्प‘ तथा भोजपुर की ‘पीढ़ीया पेन्टिंग‘ को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) मिलने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिहार की संस्कृतिक, कलात्मक और पारंपरिक विरासत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान केवल तीन विशिष्ट उत्पादों का ही नहीं, बल्कि उन हजारों शिल्पकारों, बुनकरों, कलाकारों और कारिगर परिवारों के वर्षों की मेहतन और समर्पण का सम्मान है, जिन्होंने अपनी परंपराओं को जीवित रखा है।
माननीय मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए सभी बुनकरों, शिल्पकारों, कलाकारों एवं इससे संबंधित संस्थानों तथा इस कार्य में जुड़े सभी व्यक्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की विशीष्ट पहचान सुरक्षित होगी। नकली उत्पादों को रोक लगाने में भी सहायता मिलेगी तथा देश-विदेश के बाजारों मेें उनकी मांग और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
श्री कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि युवा पीढ़ी को अपनी लोक कलाओं और पारम्परिक शिल्प से जुड़ने की प्रेरणा देगी तथा बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
3.जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत 7665 लाभुकों को दी गई सेवा
पटना /प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत राज्य में जनजातीय गरिमा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। 19 मई से 25 मई तक चले इस सप्ताह भर के उत्सव में जनजातीय टोलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, वृक्षारोपण, जनसुनवाई, योजना संतृप्ति शिविर और कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 24 जिलों के 74 प्रखंडों में 874 अनुसूचित जनजाति गांव/टोलों में 1249 सेचुरेशन कैंप लगाए गए। इन शिविरों में कुल 7665 पात्र लाभुकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का ऑन-स्पॉट लाभ प्रदान किया गया। जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 देशभर में 10 मई से 9 जून तक मनाया गया है। इसकी मुख्य थीम “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” है।
इस उत्सव का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, उनकी संस्कृति और गरिमा का सम्मान करना तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से उन्हें जोड़ना है।
इसके अलावा अनुसूचित जाति टोलों में भी स्वास्थ्य शिविरों और वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया।
4. केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिले बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री राज्य में उच्च शिक्षा सुधारों एवं भावी कार्ययोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
पटना/बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह (टाइगर) ने नई दिल्ली में भारत सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों, नवाचारों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान श्री संजय सिंह ने बिहार सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के विस्तार एवं गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 211 प्रखंड स्तरीय डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कर शैक्षणिक सत्रों के नियमितीकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि राज्य में स्वच्छ, पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त परीक्षा प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जा रही है। वहीं नामांकन, अवकाश, शैक्षणिक गतिविधियों तथा वित्तीय प्रबंधन की प्रभावी निगरानी हेतु समर्थ पोर्टल आधारित डिजिटल प्रबंधन प्रणाली से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को जोड़ा जा रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए पारदर्शी, समयबद्ध एवं नियमित नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से व्याख्याताओं एवं अन्य आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सकारात्मक एवं दूरदर्शी प्रयासों की सराहना की तथा राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को और सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा दोनों नेताओं ने शिक्षा के माध्यम से युवाओं के सशक्तिकरण एवं राज्य के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

