सिपाही भर्ती परीक्षा देने निकले हज़ारों अभ्यर्थियों की भीड़ ने रेलवे व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया और पल मिनट का नजारा
शंकर प्रसाद सिंह की रिपोर्ट
पटना/सिपाही भर्ती परीक्षा देने निकले हज़ारों अभ्यर्थियों की भीड़ ने रेलवे व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया। जब उम्मीदों से भरी आँखें परीक्षा केंद्र तक पहुँचने के लिए स्टेशन पर जमा हुईं, तो ट्रेनों की संख्या कम पड़ गई। घंटों इंतज़ार, भीषण भीड़ और अव्यवस्था से परेशान छात्र आक्रोशित हो उठे और कई जगहों पर रेलवे ट्रैक पर उतर गए।
यह सिर्फ़ ट्रेनों की कमी की कहानी नहीं, बल्कि उन युवाओं की बेबसी का दर्द है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए घर से निकलते हैं। किसी ने रात भर का सफर तय किया, किसी ने उधार लेकर टिकट खरीदा, तो किसी ने परिवार की उम्मीदों को साथ लेकर स्टेशन का रुख किया। लेकिन बदइंतज़ामी ने उनके उत्साह को निराशा में बदल दिया। सरकार और प्रशासन के लिए यह एक गंभीर संदेश है कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं को अपने भविष्य की राह में इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। ये ट्रैक पर बैठी भीड़ नहीं, अपने सपनों के लिए संघर्ष करते युवाओं का दर्द है।

