बिहारसमस्या

सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत जिलाधिकारी आनंद शर्मा।।2.जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक।। 3.एन.आई.सी. में पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर सी.सी.टी.एन.एस. कोर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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न्यूज डेस्क

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समाहरणालय परिसर में सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’’ कार्यक्रम के तहत अपने कार्यालय कक्ष में आमजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस जनसंवाद कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में होने वाली कठिनाइयों को दूर करना तथा प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में रहिका प्रखंड के सप्ता, भालसरी चौक निवासी किरण देवी के द्वारा सरकार द्वारा दिए गए वासगीत पर्चा जमीन पर घर बनाने में उपद्रव करने की शिकायत की है।
कलुआही प्रखंड के बरदेपुर निवासी सहदेव मंडल ने आवेदन के द्वारा एन. एच.105(527 बी.) की सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने हेतु अनुरोध किया गया है।

अंधराठाढ़ी अंचल के निवासी कमलेश राम ने पर्चा वाली जमीन पर दखल दिलाने का अनुरोध किया।
बाबूबरही प्रखंड के सर्रा निवासी रमेश झा ने सरकारी रास्ता अतिक्रमण करने की शिकायत की।

लदनियां प्रखंड के खाजेडीह निवासी कृष्णा कुमार यादव ने अपने निजी जमीन पर कब्जा दिलाने का अनुरोध किया है।

खजौली प्रखंड के कन्हौली लोहिया चौक निवासी उर्मिला देवी तथा पूजा कुमारी ने आवेदन के माध्यम से अत्यंत पिछड़ी जाति के भूमिहीनों को वास की भूमि उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध किया गया है।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए।
उल्लेखनीय है कि सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जन-हितैषी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें बेहतर प्रशासनिक सेवा प्राप्त हो सके।*
*कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों द्वारा बारी-बारी से सभी आवेदकों की शिकायतें सुनी गईं तथा उनके त्वरित समाधान के लिए अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी गई।– जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के द्वारा हरेक महीने के प्रथम एवं तीसरे मंगलवार को पंचायत में सहयोग शिविर चलाया जा रहा है। जो पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया है। आए हुए आवेदनों का तीस दिनों के अंदर उसका निष्पादन किया जाना है। अपनी शिकायतों को लेकर घर बैठे ही सहयोग शिविर पोर्टल RTMS पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।*
“सहयोग शिविर” RTMS
🔗 ऑनलाइन आवेदन के लिए इस पोर्टल पर जाएँ:
👉 https://www.google.com/url?sa=t&source=web&rct=j&opi=89978449&url=https://sahyog.bihar.gov.in/&ved=2ahUKEwiG6M6CldSUAxXUd2wGHQGQBUUQFnoECB8QAQ&usg=AOvVaw1GTCaxMcWvsKb_1is7JTZJ
कैसे करें आवेदन?
1. ऊपर दिए गए पोर्टल पर जाएँ।
2. अपनी शिकायत/समस्या दर्ज करे।

2.जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक 

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति के अत्याचार के मामले में राहत राशि एवं अन्य देय सुविधा उपलब्ध कराने की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों को ससमय निष्पादन करने का निर्देश दिया। बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझाव के आलोक में जिलाधिकारी द्वारा जिला कल्याण पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों को सरकारी दिशनिर्देशों में वर्णित प्रावधानों के तहत देय राहत राशि का हरहाल में ससमय भुगतान कर दिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ित लाभुकों को ससमय राहत उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने विशेष लोक अभियोजक को लंबित कांडों को त्वरित गति से निष्पादन करने का निर्देश दिया साथ ही लंबित तथा निष्पादित कांडों से संबंधित मामले की प्रतिवेदन बैठक से पूर्व जिला कल्याणपुर अधिकारी को उपलब्ध करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बैठक में हुई चर्चा के सभी बिंदुओं पर ससमय अनुपालन सुनिश्चित करें। गौरतलब हो कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचार की रोकथाम, अत्याचार पीड़ितों की सहायता ,मुआवजा एवं न्याय दिलाना एवं उसका अनुश्रवण करना इस बैठक का उद्देश्य है।

3.एन.आई.सी. में पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर सी.सी.टी.एन.एस. कोर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

 

मधुबनी/राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में सी.सी.टी.एन.एस. एन.सी.आर.बी.-सी.ए. एस.1.0(कोर एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर) पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सुबह 09:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक चला, जिसमें पुलिस विभाग के अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित कोर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (CAS 1.0) के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। इस सॉफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य देश भर के पुलिस स्टेशनों को एक एकीकृत नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि कानून व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर (FIR),जांच रिपोर्ट और चार्जशीट को पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस करने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।
साथ ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से देश के किसी भी कोने से अपराधियों, लापता व्यक्तियों और चोरी के वाहनों का डेटा पल भर में कैसे ट्रैक किया जाए, इसकी लाइव ट्रेनिंग दी गई।

ICJS (इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) समन्वय के तहत CCTNS को कोर्ट, जेल और फोरेंसिक लैब से जोड़ने की तकनीक पर प्रकाश डाला गया, जिससे मामलों की सुनवाई और जांच में तेजी आएगी।
इस सॉफ्टवेयर के सुचारू संचालन से आम नागरिकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। अब लोग घर बैठे चरित्र प्रमाणपत्र (Character Verification), किराएदार सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
​प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस तकनीकी प्रशिक्षण से पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक स्मार्ट, तेज और जवाबदेह बनेगी, जिससे अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण में डी.आई.ओ., रंजन कुमार यादव,असिस्टेंट डी.आई.ओ., विकास कुमार,डी.आर.एम.,मो आरजू सहित काफी संख्या में पुलिस विभाग के तकनीकी कर्मियों सहित अन्य ने भाग लिया।