हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों के घरों में पी०एन०जी० की सुविधा शीघ्र मिले ।। 2.निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी : मुख्यमंत्री
न्यूज डेस्क
पटना / मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। एक अणे मार्ग, लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित इस बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में पेट्रोल, डीजल, पी०एन०जी० और एल०पी०जी० गैस का कनेक्शन स्टॉक, खपत एवं आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। श्री अभय कुमार सिंह ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि बिहार में अब तक 01 लाख 12 हजार पाइप्ड नेचुरल गैस (पी०एन०जी०) कनेक्शन फंकशनल है तथा इसके लिए 25,813 लोगों ने आवेदन भी दिया है। पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन लगाने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कॉलोनी, अपार्टमेंट जैसे स्थानों पर बने सामूहिक घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में फोकस करें। इससे अधिक घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस की पहुँच बढ़ेगी जिससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। इस काम में और अधिक तेजी लाकर निचले स्तर तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री ने राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एल०पी०जी० की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की और कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एल०पी०जी० की अभी पर्याप्त उपलब्धता है इसलिये लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि जरूरत पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के क्रय और उसके इस्तेमाल पर जोर दिया।
इस अवसर पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेंदर, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित तेल कंपनियों के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
2.निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी :- मुख्यमंत्री
पटना / मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों तथा अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाया है।अब निजी विद्यालयों को सभी प्रकार के शुल्कों का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। निजी विद्यालयों द्वारा पुनर्नामांकन शुल्क एवं अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जायेगा। इससे निजी स्कूलों के द्वारा फीस की मनमानी बढ़ोतर एवं अनावश्यक शुल्क पर रोक लगेगा। अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या बिक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन सामग्री तथा अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। संबंधित निजी विद्यालय विनिर्दिष्ट दुकान से एवं विनिर्दिष्ट ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या बिक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं। छात्र-छात्राओं के शुल्क बकाया रहने की स्थिति में भी कक्षा, परीक्षा अथवा परिणाम से वंचित नहीं किया जायेगा, जब तक की प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण न की गयी हो। उक्त आदेशों के उल्लंघन पर निजी विद्यालय संचालकों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से राज्य में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।

