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20 साल में बिहार में इतना विकास हुआ कि नेताओं को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है 

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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रिपोर्ट:सुरेंद्र कुमार सिंह 

पटना /  बिहार में पिछले 20 साल के विकास के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहती है। आज स्थिति यह है कि बिहार का गरीब तो दूर, खुद नेता को भी अपने इलाज के लिए बिहार से बाहर जाना पड़ता है।ये कैसा विकास है जहां जनता को तो छोड़िए, जनप्रतिनिधियों को भी अपने ही क्षेत्र के अस्पताल पर भरोसा नहीं है।

सोशल मीडिया पर उठ रहा बड़ा सवाल

आम जनता अब सवाल पूछ रही है ।जब बिहार में AIIMS है, मेडिकल कॉलेज हैं, सदर अस्पताल हैं, तो फिर नेता दिल्ली, मुंबई क्यों भागते हैं।

जनता की मांग अब तेज हो गई है

बिहार के जितने भी नेता हैं, चाहे विधायक हों, सांसद हों या मंत्री, सबका इलाज उनके ही क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में होना चाहिए।जब नेता खुद उसी अस्पताल की लाइन में लगेगा, उसी बेड पर लेटेगा, उसी दवा के लिए भटकेगा, तभी उसे पता चलेगा कि आम जनता कैसे परेशान होती है।

कैसे डॉक्टर नहीं मिलते,कैसे दवा बाहर से लिखी जाती है ,कैसे जांच के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है,कैसे दलालों के बिना काम नहीं होता,जनता बोली – अब बहुत हुआ।

अगर नेता का इलाज उसी के क्षेत्र के अस्पताल में होगा, तो शायद अस्पताल भी सुधर जाएगा। डॉक्टर भी टाइम पर आएंगे और मशीनें भी काम करने लगेंगी। क्योंकि तब सवाल नेता की अपनी जान का होगा।

20 साल का हिसाब जनता अब अस्पताल के बेड पर देखना चाहती है, होर्डिंग पर नहीं।

आपकी क्या राय है।क्या नेताओं का इलाज उनके ही क्षेत्र के अस्पताल में होना चाहिए कमेंट में अपनी राय जरूर दें।