पंचायतों का बदलेगा नक्शा राजस्व गांव के नाम पर नहीं बदलेंगे पंचायतों के नाम मई 2027 तक परिसीमन पूरा
न्यूज डेस्क
पटना/बिहार में पंचायतों का नया नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले साल मई तक परिसीमन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल पंचायतों के गठन के लिए उनकी चौहद्दी चिह्नित कर पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इस बार पंचायतों के साथ राजस्व गांवों की सीमाएं भी दर्ज की जा रही हैं।
नए परिसीमन में किसी राजस्व गांव के नाम पर पंचायत का नाम बदलने की व्यवस्था नहीं होगी। एक से अधिक राजस्व गांवों को जोड़कर नई पंचायत बनाई जाएगी। किसी के निजी स्वार्थ के लिए राजस्व गांव को तोड़कर नई पंचायत बनाने की अनुमति नहीं होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक जीआईएस मैपिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर वह पोर्टल पर तुरंत दिखाई दे जाएगी।
परिसीमन पूरा होने के बाद पंचायतों की संख्या 8053 से बढ़कर करीब 12,500 होने की संभावना है। पंचायत का मुख्यालय ऐसी जगह रखने पर जोर होगा, जहां एससी, एसटी और अन्य समुदायों की आबादी अधिक हो। वहीं, पंचायत का नाम भी अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर रखने की व्यवस्था होगी। 2011 की जनगणना के आधार पर 6 से 8 हजार आबादी वाले राजस्व गांव को पंचायत बनाने पर जोर रहेगा।
8 से 10 हजार आबादी वाले राजस्व गांव का विखंडन नहीं किया जाएगा। वहीं, जिस राजस्व गांव की आबादी करीब 12 हजार होगी, वहां दो पंचायतें बनाई जाएंगी। इनमें एक मौजूदा पंचायत रहेगी, जबकि दूसरी को पूर्वी या पश्चिमी पंचायत के नाम से बनाया जाएगा।
नदी के पाट और पहाड़ी इलाकों में 6 से 8 हजार आबादी वाला नियम लागू नहीं होगा। इन क्षेत्रों को विकसित करने और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कम आबादी को आधार बनाकर पंचायतों का गठन किया जाएगा।
नए परिसीमन में पंचायतों का आकार भी पहले से अलग रखने की तैयारी है। कोशिश होगी कि पंचायतों की सीमाएं ज्यादा व्यवस्थित और चौकोर हों। अभी कई पंचायतों की दूरी 8 से 10 किलोमीटर तक है, जिससे लोगों को पंचायत मुख्यालय पहुंचने में परेशानी होती है। नए आकार के साथ पंचायतों तक लोगों की पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया जाएगा।

