जींस पैंट पहन कर कक्षा में सोते मिले शिक्षक निलंबित ।।2.विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सर्वोच्च प्राथमिकता : अपर मुख्य सचिव।। 3.लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं युवा : मिथिलेश तिवारी
रिपोर्ट:प्रमोद कुमार यादव
पटना/सुपौल जिले के जीवछपुर स्थित उत्क्रमित बालक मध्य विद्यालय में कक्षा के दौरान सोते हुए पाए गए विशिष्ट शिक्षक अजीत कुमार को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने मामले की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद सुपौल के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की जांच कराई जिसमें आरोप सही निकले। निलंबित शिक्षक के विरुद्ध आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा।
जांच में पाया गया कि विशिष्ट शिक्षक क्लास रूम के अंदर कुर्सी पर पैर रखकर सो रहे थे। इस दौरान वे जींस पैंट भी पहने हुए थे। बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनका सोना शैक्षणिक व्यवस्था के प्रति लापरवाही है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक का आचरण छात्रों के हितों के विरुद्ध और सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन था। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए अनुशासनिक प्राधिकार ने निलंबन का निर्णय लिया। यह कार्रवाई बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधित) नियमावली, 2024 के प्रावधानों के तहत की गई है।
2.विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सर्वोच्च प्राथमिकता : अपर मुख्य सचिव
पटना/सीवान जिले के विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दें। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास करें। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सीके अनिल ने शनिवार को सीवान में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।
जिला समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में डीएम की उपस्थिति में आयोजित बैठक में सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
कायाकल्प अभियान की समीक्षा
अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कायाकल्प अभियान की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में रंग-रोगन, आंतरिक एवं बाहरी पेंटिंग तथा छोटी-मोटी मरम्मत का कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने भूमिहीन एवं भवनहीन विद्यालयों की स्थिति की जानकारी लेते हुए ऐसे विद्यालयों के लिए भूमि एवं भवन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
वृक्षारोपण अभियान पर जोर
उन्होंने सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और इसकी लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। साथ ही, सभी सरकारी विद्यालयों में वृक्षारोपण अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने तथा लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
बैठक में विद्यालयों में कक्षावार एवं विषयवार समय-सारणी तैयार कर उसके अनुसार पढ़ाई कराने पर भी जोर दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने शिक्षण कार्य को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए एआई और आधुनिक तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की सेवा लेने पर भी विचार
शहर के विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई में सहयोग के लिए इच्छुक सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की स्वैच्छिक सेवाएं लेने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके तहत सेवानिवृत्ति के बाद पढ़ाने की इच्छा रखने वाले योग्य पदाधिकारियों के अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने की संभावना पर चर्चा हुई।
अपर मुख्य सचिव ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी, प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
3.लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं युवा : मिथिलेश तिवारी
पटना/ शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि युवा हमारे लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ हैं। देश के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। युवाओं की क्षमता और योगदान को कमतर नहीं आंका जा सकता।
श्री तिवारी रविवार को ज्ञान निकेतन स्कूल में आयोजित पाटलीपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवा प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रयासों की सराहना की।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवा संसद जैसे आयोजन विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय कार्यप्रणाली को समझने का अवसर देते हैं। इससे विद्यार्थियों में संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ती है। साथ ही, उनमें तार्किक सोच, विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और विभिन्न विषयों पर स्वस्थ चर्चा करने की क्षमता विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। युवाओं को लोकतंत्र की मूल भावना को समझते हुए देश और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

