सांसद-विधायकों की पेंशन बंद करो, PM मोदी से की मांग, संपत्ति जांच और रोजगार पर भी जोर : भारतीय चेतना पार्टी
कृष्णा कुमार की रिपोर्ट
मधुबनी/भारतीय चेतना पार्टी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए सांसदों और विधायकों को मिलने वाली पेंशन व्यवस्था को तुरंत समाप्त करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि जब आम जनता महंगाई और जरूरी सुविधाओं के लिए तरस रही है, तो जनप्रतिनिधियों को ताउम्र पेंशन देना जनता के साथ अन्याय है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार महतो ने मधुबनी में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि देश की जनता गैस, राशन जैसी मूलभूत चीजों के लिए लाइनों में खड़ी है, लेकिन सांसद-विधायकों को हर तरह की सुविधा और रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन दी जा रही है। उन्होंने PM नरेंद्र मोदी से इस व्यवस्था की समीक्षा कर इसे बंद करने की अपील की।
पार्टी ने रखीं ये 3 बड़ी मांगें
1.संपत्ति की सार्वजनिक जांच केंद्र और राज्य के सभी मंत्रियों की संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा हो। मांग नहीं मानी गई तो पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देगी।
2. पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक बिहार सरकार को “विनाश की सरकार” बताते हुए पार्टी ने कहा कि अगर सरकार नहीं चेती तो सभी जिलों में व्यापक आंदोलन होगा।
3. युवाओं को रोजगार की गारंटी युवा प्रदेश अध्यक्ष धनदेव साह ने कहा सरकार युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की गारंटी दे। मांगें नहीं मानी गईं तो “युवा परिवर्तन” के नाम पर लोकतांत्रिक आंदोलन होगा।
बैठक में तय हुआ कि पार्टी राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, वरिष्ठ नेता विनोद प्रसाद गुप्ता, गणेश झा और अनिल कुमार मौजूद थे।

