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(बड़ी समस्या) CHC लदनियां की 5 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कब होगा मुक्त स्वास्थ्य व्यवस्था की साँसें अटकी

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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संपादकीय डेस्क 

मधुबनी/लदनियां प्रखंड मुख्यालय का तस्वीर एक कहानी बयां करती है और यह तस्वीर लदनियां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की जर्जर व्यवस्था की गवाही दे रही है। यह अस्पताल जो भारत-नेपाल सीमा के हजारों लोगों के लिए जीवन-रेखा है आज खुद वेंटिलेटर पर है। इसका सबसे बड़ा कारण है सरकारी जमीन पर बेखौफ अतिक्रमण और प्रशासन की चुप्पी।

मुद्दा सिर्फ डॉक्टरों की कमी का नहीं जमीन बचाने का है

बात सिर्फ इतनी नहीं है कि 5 एकड़ में फैला यह अस्पताल मात्र 2 डॉक्टरों  और 1 आयुर्वेदिक  के भरोसे चल रहा है। असली सवाल है कि इस 5 एकड़ जमीन का क्या हुआ।

अंचलाधिकारी द्वारा नापी होने के बावजूद आज तक जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाई है। चारों ओर से अगल-बगल के लोगों ने कब्जा कर रखा है। अस्पताल परिसर में जाएं तो अतिक्रमण के अलावा कुछ दिखता ही नहीं।

यह सिर्फ जमीन का अतिक्रमण नहीं यह भविष्य की स्वास्थ्य सुविधाओं का अतिक्रमण है

यदि यह जमीन आज मुक्त हो जाए तो कल यहां अतिरिक्त वार्ड बन सकते हैं। डॉक्टरों के लिए आवास बन सकता है। मातृ-शिशु केन्द्र, लैब, ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाएं आ सकती हैं।लदनियां प्रखंड और नेपाल के बॉर्डर से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

प्रशासन मौन क्यों
PHC प्रभारी के अनुसार उन्होंने कई बार अंचलाधिकारी को लिखित पत्र दिया। जिलाधिकारी का आदेश भी आया। लेकिन एक साल से ऊपर हो गया फाइलें धूल खा रही हैं जमीन पर कब्जा बढ़ रहा है।स्थानीय लोग अब खुलकर कह रहे हैं कि स्थानीय प्रशासन खानापूर्ति करता है, ध्यान उगाही पर है। सरकार पटना से दावा करती है ।सरकारी जमीन मुक्त कराएंगे लेकिन लदनियां में धरातल पर जीरो है।

बिहार हलचल न्यूज़ की मांग
यह संपादकीय सिर्फ खबर नहीं, एक चेतावनी है। जिलाधिकारी मधुबनी को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
1. CHC की पूरी 5 एकड़ जमीन का फिर से सीमांकन हो।
2. 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण मुक्त कर तारबंदी की जाए।
3. अतिक्रमण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो।

जब तक जमीन सुरक्षित नहीं तब तक बिल्डिंग और डॉक्टरों की बहाली का कोई मतलब नहीं।सवाल सीधा है आखिर लदनियां की सरकारी जमीन अतिक्रमण के चंगुल से कब मुक्त होगी? क्या स्थानीय प्रशासन की आंखें इस ग्राउंड रिपोर्ट के बाद खुलेंगी।