बिहार में भ्रष्टाचार पर निगरानी का बड़ा प्रहार इस साल अब तक 113 घूसखोर अधिकारी कर्मचारी गिरफ्तार
सेंट्रल डेस्क
पटना/ बिहार में भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस साल ऐतिहासिक कार्रवाई की है। निगरानी ने जनवरी से अब तक घूसखोरी, आय से अधिक संपत्ति (DA) और पद के दुरुपयोग के कुल 124 केस दर्ज किए हैं, जो पिछले 25 सालों में सबसे अधिक है।
निगरानी के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने जानकारी दी कि इस साल 16 अक्टूबर तक 113 घूसखोर अधिकारियों-कर्मचारियों को ट्रैप कर रंगे हाथों दबोचा गया है। जबकि 9 पर DA केस और 2 पर पद के दुरुपयोग का केस दर्ज हुआ है। वहीं कोर्ट में ट्रायल करा कर 22 भ्रष्ट अधिकारियों को सजा दिलाई गई है।
पिछले सालों से तेज कार्रवाई
2000 से 2024 तक औसतन हर साल 73 केस दर्ज होते थे
पिछले साल 122 केस दर्ज हुए थे और 101 रिश्वतखोर पकड़े गए थे।
2024 में FIR दर्ज करने में 11.4 दिन लगते थे, इस साल सिर्फ 1.5 दिन में FIR।
इस साल के अंत तक 150 केस दर्ज करने का लक्ष्य।घूस लेने में राजस्व विभाग टॉप पर, दूसरे नंबर पर पुलिस निगरानी द्वारा जारी विभागवार आंकड़े चौंकाने वाले हैं।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 20 कर्मचारी गिरफ्तार (टॉप पर) पुलिस विभाग 17 दारोगा गिरफ्तार,पंचायती राज 12,स्वास्थ्य 7,
शिक्षा 6,परिवहन 4,ग्रामीण विकास, समाहरणालय, खाद्य उपभोक्ता, सहकारिता 3-3,खनन, कृषि, CDPO, बिजली, पशुपालन 2-2,इन मामलों में 5 लाख रुपये तक घूस लेते पकड़ा गया है।
इन बड़े अधिकारियों पर DA केस दर्ज
1. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता *बालेश्वर राम।
2. जिला पशुपालन पदाधिकारी सुधीर कुमार।
3. पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा।
4. गड़हनी अंचल के परिचारी शिवानंद कुमार सिंह
5. पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता *संजय कुमार।
6. भवन निर्माण के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी।
7. कार्यपालक अभियंता *चंद्रशेखर सिंह।
निगरानी की इस तेज कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

