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पटना के नियोजन भवन में संचालकों का उग्र प्रदर्शन मंत्री से मुलाकात की मांग

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न्यूड डेस्क 

पटना/ बिहार सरकार के 1700 कौशल विकास केंद्रों को बंद करने के फैसले के खिलाफ शनिवार को राजधानी में बड़ा प्रदर्शन हुआ। राज्य भर के सैकड़ों केंद्र संचालक और कर्मचारी पटना के नियोजन भवन पहुंचे और श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से मुलाकात की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

सरकार के इस एकतरफा फैसले से नाराज प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर सीधा संकट आ गया है।

प्रदर्शनकारी सुबह से ही नियोजन भवन के बाहर जुटने लगे थे। उनकी मांग थी कि श्रम संसाधन मंत्री उनसे सीधे मिलें और बंदी के फैसले पर पुनर्विचार करें।

लेकिन भीड़ का उग्र रूप देखते हुए सुरक्षा कारणों से मंत्री के कार्यालय का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया। इसके बाद आक्रोशित संचालकों ने गेट के बाहर ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिसर में केंद्र बंद नहीं होने देंगे रोजगार दो, धोखा नहीं” के नारे गूंजते रहे।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सिर्फ मंत्री तक ही सीमित नहीं रहा। विभागीय अधिकारियों को भी निशाने पर लिया गया।

विशेष रूप से बिहार कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी, जो वर्तमान में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव, बेल्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक और जमुई के प्रभारी सचिव* हैं, उनके खिलाफ भी संचालकों ने नारेबाजी की। संचालकों का आरोप है कि अधिकारियों की गलत नीतियों के कारण ही केंद्रों को बंद करने का फैसला लिया गया है।

प्रदर्शन में शामिल एक केंद्र संचालक ने कहा हम पिछले 8-10 साल से युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दे रहे हैं। एक झटके में 1700 केंद्र बंद कर दिए। हमारे कर्मचारियों के घर कैसे चलेंगे? सरकार ने हमसे कोई बात नहीं की।

इस मामले में श्रम संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कौशल विकास केंद्रों के कामकाज और परिणामों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार युवाओं को बेहतर और आधुनिक प्रशिक्षण देने के लिए नई योजना ला रही है।

हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि नई योजना लाने से पहले मौजूदा व्यवस्था को ध्वस्त नहीं किया जाना चाहिए था।

फिलहाल मंत्री और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत नहीं हो सकी है। संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।