जयनगर में कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्रो पर बाहर से ताला लगाने पर उठे सवाल, जांच की प्रक्रिया पर लोगो ने जताई आपत्ति
मधुबनी/जयनगर अनुमंडलीय अस्पताल के औचक निरीक्षण के बाद शुक्रवार को शहर के कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्रो की जांच के दौरान बाहर से ताला लगाए जाने को लेकर जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने सिविल सर्जन हरेंद्र सिंह से कहा कि यदि किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र के खिलाफ कार्रवाई करनी है तो नियमानुसार जांच कर दस्तावेजो का सत्यापन किया जाए और उसके बाद ही सील की कार्रवाई हो।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर सिविल सर्जन हरेंद्र सिंह ने अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद वे शहर के कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के लिए निकले। इसी क्रम में पटना गढ़ी चौक सहित कुछ स्थानों पर अल्ट्रासाउंड केंद्रो के बाहर से ही ताला लगा दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, जब ताला लगाने की कार्रवाई की जा रही थी, उस समय उनके साथ कोई स्थानीय पदाधिकारी अथवा मजिस्ट्रेट मौजूद नही था। संबंधित केंद्रों के अंदर जाकर अल्ट्रासाउंड मशीन, संचालन की स्थिति अथवा दस्तावेजों की जांच किए जाने की बात सामने नही आई।
इसी बीच जब सिविल सर्जन एक केंद्र पर लगाए गए ताले को खोलने पहुंचे, तब मौके पर मौजूद कुछ लोगो ने उनसे सवाल करना शुरू कर दिया। लोगो ने कहा कि यदि कार्रवाई करनी है तो सर विधिवत कार्रवाई कीजिए। पहले केंद्र के अंदर जाकर जांच कीजिए, कागजात देखिए और यदि कोई अनियमितता मिलती है तो नियमानुसार सील की कार्रवाई कीजिए। केवल बाहर से ताला लगा देने से जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जा सकती।
मौके पर मौजूद लोगो ने सिविल सर्जन से आग्रह किया कि जिस केंद्र का अल्ट्रासाउंड सही तरीके से संचालित हो रहा है या नहीं, इसकी जांच केंद्र के अंदर जाकर की जाए तथा आवश्यक कागजात देखे जाएं। लोगो का कहना था कि बिना दस्तावेजो और केंद्र के अंदर की स्थिति की जांच किए सीधे बाहर से ताला लगाने से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मौके पर मौजूद कुछ मीडिया कर्मियो ने भी सिविल सर्जन से सवाल किया कि यदि कार्रवाई की जा रही है तो उसे विधिवत तरीके से किया जाना चाहिए। इस पर सिविल सर्जन ने “ठीक है, देखते है, कार्रवाई होगी” कहते हुए आगे की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट जानकारी नही दी।
स्थानीय लोगो का यह भी कहना था कि यदि केंद्र को सील करने की कार्रवाई की जा रही है तो मौके पर संबंधित स्थानीय पदाधिकारी अथवा मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, ताकि कार्रवाई की वैधानिकता एवं पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।
बाद में सिविल सर्जन हरेंद्र सिंह अपने प्रधान लिपिक दयानंद सिंह एवं अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोनित के साथ जयनगर थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि शहर के शिवम अल्ट्रासाउंड, मां गायत्री अल्ट्रासाउंड, आदर्श अल्ट्रासाउंड सहित कुछ अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई है। संबंधित संचालकों को वैध दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है। दस्तावेजों की जांच में जिनके कागजात सही पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। वहीं, दस्तावेज गलत या नियमों के विपरीत पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा मजिस्ट्रेट के सहयोग से केंद्र को सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में नियमों के विपरीत संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों, जांच घरों एवं नर्सिंग होम के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगो का कहना था कि जांच एवं कार्रवाई पारदर्शी और नियमानुसार होनी चाहिए। केंद्र के अंदर जाकर दस्तावेज एवं संचालन की स्थिति की जांच करने के बाद ही सीलिंग जैसी कार्रवाई किए जाने से कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालो का भी समाधान हो सकता है।समाचार प्रेषण तक मिली जानकारी के अनुसार, मामले में सिविल सर्जन की ओर से जयनगर थाना में शिकायत देने की प्रक्रिया जारी थी। इस संबंध में थाना स्तर से आगे की कार्रवाई अथवा किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज किए जाने की सूचना समाचार प्रेषण तक प्राप्त नहीं हो सकी थी।

