बिहार से गुम हो रहीं बेटियां 43% मामलों में मानव तस्करी
सेंट्रल डेस्क
बिहार में पिछले 5 सालों में 14 से 18 साल की किशोरियों और महिलाओं के गायब होने के मामले तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 43% मामलों के पीछे सीधे मानव तस्करी का हाथ है।
नाबालिग बच्चे 18 वर्ष का साल कुल लापता बच्चे बरामदगी साल के अंत में लंबित
2020 11,645 6,210 5,436
2024 16,336 8,120 8,217
नाबालिग लड़कियां 18 वर्ष से कम
रोज औसतन 18 से 25 लड़कियां गायब हो रही हैं
2021: 3,880| 2022: 5,280| 2023: 4,477
18 वर्ष से अधिक महिलाएं
2020: 10,860 मामले /2024: 14,200 मामले
सिर्फ 49% मामलों में ही बरामदगी हो पा रही है।
सबसे बड़ी वजह: मानव तस्करी + इंटरनेट
रिपोर्ट के अनुसार..
मानव तस्करी 43% मामलों में तस्करी गिरोह शामिल
प्रेम प्रसंग/प्रलोभन लड़कियों को नौकरी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर फंसाया जा रहा है
हॉटस्पॉट जिलेपटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, मधुबनी /भागलपुर, किशनगंज, दरभंगा
पटना में हर साल 700-800 लड़कियों और महिलाओं के गायब होने की रिपोर्ट।
पुलिस क्या कर रही है
पटना की सेंट्रल एसपी ने बताया कि रेस्क्यू के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। नाबालिग मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। कई बार लड़कियों को दूसरे राज्यों में बेच दिया जाता है।

