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वन वाइट कैफे की ऑनर मोहिनी बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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धर्म प्रकाश रुद्र की रिपोर्ट

पटना / एक समय था जब महिलाओं को घर से निकलने पर पाबंदी थी वह अपनी जिंदगी अपने हिसाब से नहीं जी सकती थी और ना ही उन्हें कुछ खुलकर बोलने की आजादी थी पर समय बदला और लोगों की मानसिकताएं भी बदली ।
जहां एक और सिर्फ बेटे को पढ़ने की आजादी थी वही बेटियां घर के कामकाज में हाथ बटाना होता था । बेटियों की पढ़ाई पर पाबंदी मानो जीवन के जंजीरों की गुलामी हुआ करती थी पर समय के साथ परिवर्तन हुआ और बेटियों ने भी अपनी पढ़ाई शुरू की और आज के समय मे कदम से कदम मिलाकर हर एक क्षेत्र में अपने नाम का परचम लहरा रहीं हैं।
इसी कड़ी में आज हम भी एक ऐसी महिला की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने अपने दम पर सिर्फ अपना ही नहीं कई लोगों के भाग्य को बदलने का प्रयास किया है ।
बिहार अब सिर्फ ज्ञान और आस्था की नगरी ही नहीं रहा, बल्कि यहां की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी बनती जा रही हैं.एक समय था जब यहां की महिलाओं को अशिक्षा और घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन बदलते दौर के साथ अब तस्वीर बदल रही है. महिलाएं न सिर्फ जागरूक हुई हैं, बल्कि रोजगार के क्षेत्र में भी मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं.
इसी बदलाव की जीती-जागती कहानी हैं पटना कि रहने वाली मोहिनी जिन्होंने पटना के काफी व्यस्ततम कहे जाने वाले जीरो माइल बस स्टॉप के निकट “वन वाइट’ कैफे के नाम से अपना एक प्रतिष्ठान शुरू किया और युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बनी । इस कैफे से एक तो इन्होंने अपनी जिंदगी बदली दूसरा यहां रोजगार दे कर कई युवाओं के जिंदगी को भी संवारने का काम किया।
बताते चलें कि वह आज से कुछ साल पहले तक नोयडा के सेक्टर 12/22 में रहती थीं. शुरुआत में उन्होंने छोटे-छोटे कामों से शुरुआत किया, यहां तक की उन्होंने कई ब्यूटी प्रोडक्ट का प्रमोशन किया और उन्हें बेचा । उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि नोयडा से पटना तक का सफर उनकी जीवन की दिशा बदल देगा.
आज उनका यह “वन वाइट” कैफे की लुक्स तथा व्यंजन युवाओं की पहली पसंद बनती जा रही है जहां क्षेत्र के युवा न केवल खान-पान के लिए बल्कि इस कैफे की सुंदरता के साथ सेल्फी लेने के लिए भी दूर -दूर से आते हैं।