ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की होगी मुफ्त स्वास्थ्य जांच।।2 .काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, वीसी से होगी अंचल के कार्यों की रोजाना मॉनिटरिंग।। 3. ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर इन्हें सुधारने का कार्य शुरू।।4. सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है सर्वे कार्य, समय–सीमा में पूरा करें अधिकारी: सचिव।। 5.सम्राट मंत्रिमंडल का विस्तार संपन्न।। 6. साइबर अपराध के मामले में 31 एफआईआर दर्ज, 50 अभियुक्तों की गिरफ्तारी
राजकुमार यादव
पटना/ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बिहटा के ऑडिटोरियम में गुरुवार को 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए मुफ्त ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया गया। भारत सरकार के केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देश के 12 विभिन्न स्थानों पर एक साथ इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के श्रम संसाधन विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद मुख्य अतिथि और श्रमायुक्त श्री राजेश भारती विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में अधिसूचित श्रम संहिताओं के अंतर्गत, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 की धारा 6(1)(सी) के तहत अब प्रत्येक नियोक्ता के लिए अनिवार्य कर दिया गया है कि वह अपने 40 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करें।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं श्रम सचिव श्री दीपक आनंद ने राज्य में श्रमिकों के कल्याण और नई श्रम संहिताओं को धरातल पर उतारने के प्रति बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर श्रमायुक्त बिहार ने ओएसएच कोड व राज्य सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। वार्षिक स्वास्थ्य जांच के लिए श्रमिकों को सवेतन अवकाश के प्रावधान के संबंध में भी जानकारी दी।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. विनय विश्वास ने अस्पताल के प्रबंधन एवं स्वास्थ्य जांच के महत्वों पर चर्चा की। कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक बिहार सीए निरंजन कुमार ने नए लेबर कोड के प्रावधानों और उसमें नियोक्ताओं एवं श्रमिकों के अधिकारों व कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान ईएसआई द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी चिकित्सा व नकद हितलाभों जैसे बीमारी में वेतन, कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति ने आजीवन पेंशन, मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को 90 प्रतिशत तक आजीवन पेंशन, 26 सप्ताह तक मातृत्व हितलाभ व बीमित श्रमिकों के बच्चों को मेडिकल कॉलेज में आरक्षण की व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। सरकार की योजना है कि श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच से बीमारियों की पहचान शुरुआत में ही हो जाएगी। साथ ही ईएसआईसी के माध्यम से मुफ्त इलाज से श्रमिकों का परिवार अचानक आने वाले चिकित्सा के भारी खर्च से बच सकेगा।
2 .काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, वीसी से होगी अंचल के कार्यों की रोजाना मॉनिटरिंग
पटना/राज्य के अंचलों में चल रहे राजस्व कार्यों की अब प्रतिदिन सीधे विभागीय स्तर से समीक्षा होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल स्तर पर कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से नई अनुश्रवण व्यवस्था (मॉनिटरिंग सिस्टम) लागू की है। इसके तहत विभागीय सचिव जय सिंह या उनकी ओर से अधिकृत वरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) से अंचलों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक दिन अपराह्न 3:30 से 4:00 बजे तक समीक्षा बैठक होगी। इस दौरान राज्य के दो अंचलों को चयनित कर उनके कार्यों की प्रगति की विस्तार से पड़ताल की जाएगी। इस बैठक में संबंधित अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार विभाग का उद्देश्य है कि अंचल स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन हो और आम लोगों को भूमि संबंधी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। इसके लिए प्रतिदिन होने वाली समीक्षा में ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, सरकारी भूमि सत्यापन, राजस्व महा-अभियान, लोक भूमि अतिक्रमण और लोक शिकायत जैसे महत्वपूर्ण मामलों की प्रगति देखी जाएगी। विभाग के स्तर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि विभागीय आईटी मैनेजर रोजाना सुबह 10 बजे चयनित अंचलों की सूचना एवं वीसी लिंक संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे। समीक्षा बैठक विभागीय वीसी कक्ष या सचिव कक्ष से आयोजित की जाएगी। विभाग ने सभी समाहर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से भी संबंधित अधिकारियों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित कराएं, ताकि अंचलों में कार्य निष्पादन की गति और जवाबदेही दोनों बढ़ाई जा सके। निर्देशों की प्रति सभी अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी को भी भेजी गई है।
3. ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर इन्हें सुधारने का कार्य शुरू
पटना/ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर लाइन ऑफ साइट को बाधित करने वाले स्थलों पर शत-प्रतिशत रेट्रो-रिफ्लेक्टिव ट्रैफिक साइन लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इन्हें लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण विकास विभग के स्तर से इसे लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार, ग्रामीण पथों पर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण, गांव के नाम के बोर्ड, किलोमीटर स्टोन और 200 मीटर स्टोन को स्थापित करना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री दिवेश सेहरा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय मुख्यालय में हुई इस बैठक में विभाग के अभियंता और विभिन्न योजनाओं के नोडल पदाधिकारी मौजूद थे। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग हर स्तर पर सशक्त मॉनीटरिंग कर रहा है।
इस बैठक में विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी पथों के मुख्य सूचना पट्टों पर “हमारा बिहार हमारी सड़क” ऐप के उपयोग से संबंधित सूचना आगामी 31 मई तक अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही विभागीय निविदा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं। बैठक ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2025 से अबतक संपन्न विभागीय निविदा समिति की बैठकों में जिन निविदाकारों के फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं या जिन्होंने एलओए मिलने के बावजूद एकरारनामा नहीं किया है, उन्हें अविलंब ब्लैकलिस्ट करते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त जिन संवेदकों द्वारा निर्धारित मानकों से कम दर पर निविदा प्रस्तुत कर रेट जस्टिफिकेशन नहीं दिया गया है, उनसे स्पष्टीकरण मांगते हुए नियमानुकूल कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी। विभाग ने गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्वालिटी कंट्रोल सेल को पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है, जिसमें परमानेंट फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन के साथ-साथ क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर की प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के दौरान वित्तीय अनियमितता और कार्य में शिथिलता को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। जिन कार्य प्रमंडलों द्वारा खराब गुणवत्ता के बावजूद संवेदकों को परफॉरमेंस सिक्योरिटी राशि वापस की गई है, ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बैंक गारंटी का ससमय नवीनीकरण नहीं कराने वाले कार्यपालक अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगने और ईएमडी रिफंड तथा राशि जब्ती के मामलों का साप्ताहिक और मासिक स्तर पर अनुश्रवण करने के निर्देश जारी किये गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्कता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 और ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत पथों की चौड़ाई 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर करने के लिए ग्रिड नेटवर्क तैयार कर आगामी 15 मई तक कार्ययोजना प्रस्तुत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
4. सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है सर्वे कार्य, समय–सीमा में पूरा करें अधिकारी: सचिव
पटना/राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त कार्यक्रम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नव पदस्थापित बन्दोबस्त पदाधिकारियों से कहा कि समय सीमा तय कर सर्वे कार्यों को गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा करें। सचिव गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्द्धन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने और आम लोगों को जमीन का अधिकार अभिलेख अपडेट करने का महत्वपूर्ण अभियान है। ऐसे में सभी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे तकनीकी दक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम 2011 और उसमें समय-समय पर किए गए संशोधनों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर अधिकारियों और सर्वेक्षण कर्मियों को कर्तव्य एवं दायित्व, प्रपत्र-1 से 25 तक की प्रक्रिया, ग्राम अभिलेखों के संधारण संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही भू-सर्वेक्षण सॉफ्टवेयर, आर-टू-आर सॉफ्टवेयर, शिविर स्कैन रिपोर्ट, भू-नक्शा सॉफ्टवेयर समेत अन्य तकनीकी प्रणालियों के उपयोग का व्यावहारिक जानकारी दी गई। एमआईएस एवं सीवीएमएस प्रणाली के माध्यम से सर्वे कार्यों की निगरानी, रिपोर्टिंग प्रक्रिया से पदाधिकारियों को जहां रूबरू कराया वहीं विभागीय अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने विशेष सर्वेक्षण कार्यों में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी दी।
बता दें कि राज्य में चल रहे बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में औरंगाबाद, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, पूर्णिया, सुपौल, जमुई, सारण, रोहतास एवं नालंदा के नव पदस्थापित बन्दोबस्त पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, विशेष कार्य पदाधिकारी, नवाजिश अख्तर आदि की प्रमुख उपस्थिति रही।
5.सम्राट मंत्रिमंडल का विस्तार संपन्न
पटना/ बिहार में सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का विस्तार पटना के गांधी मैदान में सम्पन्न हुई। इसकी गवाह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने। गांधी मैदान में खचाखच भरे एनडीए के कार्यकताओं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित की गई। मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नित्यानंद राय, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपेन्द्र कुशवाहा समेत भारी संख्या में केन्द्रीय मंत्री, सांसद एवं विधायक उपस्थिति थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में में कुल 32 मंत्रियो ने शपथ ली उसमें भाजपा से 15, जदयू से 13, लोजपा-आर से 2, आरएलएम एवं हम पार्टी से एक-एक मंत्री ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल ने एक साथ पांच-पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई, उसमें 7 नये चेहरों को मौका मिला है। भाजपा से 4, जदयू से 3 लोगों को मौका मिला है।
सम्राट मंत्रिमंडल में नये चेहरे के साथ जातीय समीकरण एवं प्रमंडल को ध्यान में रखते हुए बनाया गया हैं। इस बार के मंत्रिमंडल में 3 पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे की जगह मिला हैं उसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एकलौते पुत्र निशांत कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री स्व जगरनाथ मिश्र के पुत्र नीतीश मिश्रा एवं हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी के पुत्र डॉ. संतोष सुमन ने शपथ ली है। जातीय समीकरण को देखते हुए भाजपा से सवर्ण 6, पिछड़ा वर्ग से 4, अतिपिछड़ा वर्ग से 4, एवं दलित से दो लोगों की जगह दी है। वहीं, जदयू में सवर्ण 1, पिछड़ा वर्ग 4, अति पिछड़ा वर्ग 4, दलित 3 , अल्पसंख्यक से 1, वहीं लोजपा से एक सवर्ण, एक दलित, हम सेकुलर से एक दलित एवं आरएलएम से पिछड़ा वर्ग से एक मंत्री ने शपथ ग्रहण किया है। एनडीए ने जातीय समीकरण को साधते हुए सवर्ण से चार राजपूत, तीन भूमिहार, दो ब्राह्मण को जगह मिली हैं।वहीं दो पासवान, दो रविदास, दो मुसहर एक पासी को जगह मिला है। दो कुर्मी, दो कुशवाहा, दो यादव, की जगह मिली हैं।भाजपा में चार, जदयू में 3 समेत सात नये चेहरे को जगह मिली हैं। निशांत कुमार व दीपक प्रकाश ऐसे मंत्री बने हैं जो किसी सदन का सदस्य नहीं हैं।
नए मंत्रिमंडल में शपथ लेने वालों में श्रवण कुमार ,विजय कुमार सिन्हा, डॉ. दिलीप जायसवाल ,निशांत कुमार, लेसी सिंह, राम कृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, दामोदर रावत, संजय सिंह टाइगर, डॉ. अशोक चौधरी, भगवान सिंह कुशवाहा, जमा खान, मदन सहनी, बुलो मंडल, डॉ. प्रमोद कुमार, श्वेता गुप्ता, अरुण शंकर प्रसाद, डॉ. संतोष कुमार सुमन, रत्नेश सदा, ई. कुमार शैलेंद्र, शीला कुशवाहा, श्रेयसी सिंह, केदार गुप्ता, लखींद्र पासवान, रामचंद्र प्रसाद, संजय कुमार सिंह, संजय पासवान, दीपक प्रकाश, नंदकिशोर राम, रमा निषाद ने मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली हैं।
6. साइबर अपराध के मामले में 31 एफआईआर दर्ज, 50 अभियुक्तों की गिरफ्तारी
पटना/फर्जी आधार और नकली दस्तावेजों की मदद से म्यूल (जाली) बैंक खाता खोल साइबर फ्रॉर्ड करने वालों पर पूरे राज्य में व्यापक कार्रवाई की गई है। ऑपरेशन साइबर प्रहार 3.0 के तहत पहले सप्ताह में राज्यभर में 31 एफआईआर दर्ज की गई और इसमें 50 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। यह कार्रवाई राज्य के 19 जिलों या साइबर थाना क्षेत्रों में की गई है। इसमें सुपौल, पूर्णिया, सारण, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, भोजपुर, खगड़िया और नालंदा मुख्य रूप से शामिल हैं। इस अभियान के तहत सुपौल में सर्वाधिक 10 तथा पूर्णिया में 9 गिरफ्तारियां की गई हैं। इसके अलावा सारण, नालंदा, सीतामढ़ी, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण जिलों में 3-3 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की साइबर इकाई के माध्यम से की गई इस व्यापक कार्रवाई के तहत अनेक स्थानों पर सघन छापेमारी की गई। इस दौरान कई मोबाइल पोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संदिग्ध बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। जब्त सामाग्रियों का तकनीकी एवं फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राज्य में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के स्तर से विशेष अभियान साइबर प्रहार 3.0 के अंतर्गत प्रथम सप्ताह में यह व्यापक कार्रवाई की गई है। इस अभियान का मुख्य उदेश्य साइबर अपराधियों, म्यूल एकाउंट संचालकों, फर्जी आधार और कोड दस्तावेजों का उपयोग कर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोहों, संदिग्ध पीओएस एजेंटों तथा बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ राज्यव्यापी कठोर कार्रवाई करना है।
ईओयू के स्तर से साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की तरफ से आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने बैंक खाते, ओटीपी, आधार विवरण या केवाईसी दस्तावेज किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन-1930, साइबर क्राइम पोर्टल- cybercrime.gov.in या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन को दें।

