भगवती पुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में लगभग 6 दिनों से मध्यान भोजन बंद.शिक्षा पर सवाल
न्यूज डेस्क
मधुबनी जिले के लदनिया प्रखंड अंतर्गत भगवतीपुर गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है ।
बतादे की इस विद्यालय में शिक्षा नाम की कोई चीज नहीं है । विद्यालय के कई बच्चों से जब हमने पूछा तो बच्चों ने बताया की लगभग 6 दिनों से हम लोगों को मध्यान भोजन नहीं मिल रहा है। इस विद्यालय में शिक्षक, शिक्षिका रहते हैं लेकिन कुछ विद्यालय से गायब आपको मिलेंगे।
खासकर इस विद्यालय में छात्र-छात्राएं की उपस्थित इतना कम है की आपको देखने से पता चल जाएगा यदि आप विद्यालय देखेंगे तो भवन बनकर तैयार है लेकिन यहां रखरखाव नहीं है ।इस विद्यालय में साफ-साफ नजर नहीं नजर आएगा। इस विद्यालय में लूट की सिवा कुछ नहीं है मिलेगा ।खासकर विद्यालय में प्रिंसिपल के कमजोरी के कारण विद्यालय का स्थिति दिन प्रतिदिन कमजोर होते जा रहा है ।पदाधिकारी आते हैं लेकिन सिर्फ खानापूर्ति करके चले जाते हैं ।
इस संबंध में जब बिहार हलचल न्यूज की टीम इस विद्यालय का निरीक्षण किया तो सामने में खुलासा हुआ
बतादे की जब मध्यान पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि 156 विद्यालय हमारे अंदर में है हम अकेले कहां-कहां पहुंचेंगे, जबकि इस विद्यालय का लगभग 6 दिनों से मध्यान भोजन बंद है । लेकिन यह पदाधिकारी को जानकारी नहीं है कि हमारे विद्यालय में मध्यान भोजन बंद है। अब इससे साफ-साफ जाहिर हो रहा है की मध्यान्ह पदाधिकारी और विद्यालय के प्रधानाचार्य के मिली भगत से इस विद्यालय में खेल हो रहा है ।
जब इस संबंध में लदनिया शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
आखिर सरकार दावे पर दावे कर रहे हैं कि हम शिक्षा को जागरूक करेंगे लेकिन क्या यह शिक्षा व्यवस्था सुधार हो पाएंगे ।
बतादे कि इस विद्यालय में इतनी बच्चों की संख्या कम रहती है दूसरी में नामांकन कुछ और है बच्चों का उपस्थिति और कुछ है । इससे साफ जाहिर होता है कि शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं है ।
सरकार एक तरफ शिक्षा को जागरूक करने के लिए शिक्षा कमी के दूर कर रहे हैं लेकिन जहां शिक्षकों पहुंचते हैं ना तो छात्रों पर ध्यान देते हैं ना छात्राएं पर आप इस से किस तरह से जो छात्राएं समय से पहले विद्यालय के बाहर खेलते मिलेगा आपको शिक्षक सिर्फ ऑफिस में रहकर अपना ड्यूटी निभाते हैं यही शिक्षा व्यवस्था है यह विद्यालय है सिर्फ खाना पूर्ति मिलेगा कोई भी पदाधिकारी पहुंचते हैं तो उसे समझौता हो जाता है ।आखिर ऐसा इस विद्यालय में क्यों हो रहा है ।क्या इस विद्यालय में गरीब के बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे या शिक्षक नहीं पढ़ाएंगे आखिर क्यों नहीं पढ़ाते हैं ।
आप इस विद्यालय में आएंगे तो शौचालय का भी वही स्थिति है गेट का भी वही स्थिति है यदि कुछ बन रहा है तो उसमें भी मिलावट होती है ।क्या यह प्रिंसिपल दोषी है अन्य पदाधिकारी आखिर कहां तक इस विद्यालय का जो उच्च पदाधिकारी है उसका पहुंच है जो धरातल पर कुछ नहीं आपको मिलेगा आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
इस संबंध में जब जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क किया गया उन्होंने कहा कि अभिलंब जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी

