मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार का दौरा।। 2 .नेपाल सीमा पर सुरक्षा चौकसी होगी और मजबूत, मुख्य सचिव ने किया जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
सुरेश कुमार गुप्ता
मधुबनी जिले के सीमावर्ती नगर जयनगर में आज बिहार सरकार के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का महत्वपूर्ण दौरा हुआ। प्रत्यय अमृत (मुख्य सचिव, बिहार) और विनय कुमार (पुलिस महानिदेशक, बिहार) हेलीकॉप्टर के माध्यम से जयनगर पहुंचे, जहां उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे में काफी सक्रियता देखी गई। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, रेलवे संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करना था।
दोनों वरिष्ठ अधिकारी हेलीकॉप्टर से जयनगर के एक निजी विद्यालय परिसर में उतरे। उनके आगमन पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान आनन्द कुमार शर्मा (जिलाधिकारी, मधुबनी) और योगेंद्र कुमार (पुलिस अधीक्षक, मधुबनी) सहित दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त, जयनगर डीएसपी राघव दयाल, थानाध्यक्ष अमित कुमार, स्थानीय इंस्पेक्टर एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इसके साथ ही 48वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कमांडेंट गोबिंद सिंह भंडारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एसएसबी के जवानों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
हेलीकॉप्टर से उतरते ही मुख्य सचिव और डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो इस दौरे की औपचारिक गरिमा और महत्व को दर्शाता है। इसके बाद दोनों अधिकारियों का काफिला सीधे जयनगर स्थित नेपाल रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुआ, जहां उन्होंने विस्तृत निरीक्षण किया।जयनगर-नेपाल रेलवे स्टेशन भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है, जो दोनों देशों के बीच आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव और डीजीपी ने स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेनों के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से अवलोकन किया।इस दौरान स्टेशन मास्टर, इरकॉन (IRCON) के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने रेलवे से संबंधित तकनीकी एवं परिचालन व्यवस्था की जानकारी दी। अधिकारियों ने रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, स्टेशन परिसर की स्वच्छता बनाए रखी जाए और सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर आवश्यक कदम उठाया जाए।
रेलवे स्टेशन परिसर में इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अधिकारी एवं जवान भी तैनात रहे। इसके अतिरिक्त कस्टम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर उपस्थित थे, जिन्होंने सीमा पार आवागमन और सामानों की जांच प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी। अधिकारियों ने कस्टम व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उन्होंने एसएसबी और स्थानीय पुलिस बल को निर्देश दिया कि सीमा पर सतर्कता बढ़ाई जाए और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।इसके बाद दोनों अधिकारियों ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों से बातचीत की और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने जवानों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करने का निर्देश दिया।दौरे के अंत में मुख्य सचिव और डीजीपी हेलीकॉप्टर के माध्यम से वापस पटना के लिए रवाना हो गए। उनके प्रस्थान के बाद जिलाधिकारी आनन्द कुमार शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने पूरे दौरे की विस्तृत जानकारी दी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएम ने बताया कि यह दौरा मुख्य रूप से सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, रेलवे संचालन को सुचारू बनाने और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे स्टेशन के रख-रखाव, यात्री सुविधाओं में सुधार, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कस्टम जांच प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इस उच्चस्तरीय दौरे से जयनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है। स्थानीय लोगों में भी इस दौरे को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लोगों का मानना है कि इस प्रकार के निरीक्षण से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।कुल मिलाकर, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार का जयनगर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान प्रशासन, पुलिस, रेलवे और कस्टम विभाग के समन्वित कार्यों की समीक्षा की गई और भविष्य के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए गए। यह दौरा न केवल सीमा क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि जयनगर के समग्र विकास के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
2.नेपाल सीमा पर सुरक्षा चौकसी होगी और मजबूत, मुख्य सचिव ने किया जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
मधुबनी/मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
समीक्षा के दौरान जाली भारतीय मुद्रा के प्रसार, साइबर फ्रॉड, अवैध दूरसंचार गतिविधियों, म्यूल खातों के बढ़ते उपयोग तथा फर्जी कंपनियों के संचालन जैसे मामलों पर गंभीर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने इन मामलों की गहन जांच कर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया।बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के समीक्षा के क्रम में तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों एवं गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करने एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।मुख्य सचिव ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने तथा प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले पांच दिनों से सभी प्रकार के मादक पदार्थों विशेषकर सूखा नशा के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया जिसके काफी सकारत्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इसी कड़ी में 1000 किलो गांजा की जब्ती की गई है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए है। मुख्य सचिव ने कहा कि विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन्होंने डीएम एसपी को निर्देश दिया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त एवं अवांछित लोगों को चिन्हित करते हुए स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने चिन्हित केसों का सभी दृष्टिकोण से त्वरित अनुसंधान करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने समीक्षा के क्रम में एसएसबी से बॉर्डर के सुरक्षा की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एसएसबी के अधिकारियों को बॉर्डर पर पैट्रोलिंग और भी बढ़ाने का निर्देश दिया।वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा के क्रम में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मधुबनी जिले के सभी 286 वाइब्रेंट विलेज (गांव) में सभी चयनित योजनाओं को त्वरित गति से धरातल पर उतारा जाय ताकि ये भारत के विकसित गांव की श्रेणी में आ सके। उन्होंने सभी गांवों में एसएसबी की सक्रिय भागीदारी का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि सभी वाइब्रेंट विलेज के पंचायतों की ग्राम सभा में आमंत्रित सदस्य के रूप में एसएसबी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। मुख्य सचिव ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण पर की जा रही कार्रवाई की भी विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा की कड़ी में मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा आपसी समन्वय से किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।बैठक के उपरांत मुख्य सचिव ने वरीय अधिकारियों के साथ नेपाली जयनगर रेलवे स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा सहित तमाम संवेदनशील बिन्दुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन एवं सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम का अवलोकन किया। इसी कड़ी में रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं के अवलोकन के क्रम में संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक, बिहार, श्री विनय कुमार,अपर मुख्य सचिव (गृह), श्री अरविंद कुमार चौधरी, श्री कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा, एवं एसटीएफ, आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा, श्री हिमांशु कुमारराय,जिलाधिकारी, मधुबनी, आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक, योगेंद्र कुमार, सरोज कुमार ठाकुर, उप महानिरीक्षक, भा .पु. से.,स.सी.ब,क्षेत्रक मुख्यालय, मुज़फ्फरपुर, गोविंद सिंह भंडारी, कमांडेंट 48वीं वाहिनी SSB जयनगर, खोजा राम लामोर, कमान अधिकारी, 18वीं वाहिनी SSB, राजनगर, अपर समाहर्ता, मुकेश रंजन, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार, कोंकण रेलवे के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

