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प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर राज्यस्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन

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पटना/ राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् एवं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् के नेतृत्व में मंत्रा4चेंज के सहयोग से प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला-सह-समीक्षा बैठक का आयोजन होटल पाटलिपुत्र निर्वाणा, पटना में किया गया। इस बैठक में जिला स्तरीय तकनिकी समूह के दो सदस्य एवं जिला शिक्षक समन्वयक ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य PBL कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करना, अब तक की उपलब्धियों पर चर्चा करना और आगामी योजनाओं की रणनीति तय करना था।

बैठक में नवंबर, दिसंबर और जनवरी महीनों के दौरान आयोजित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अक्टूबर महीने में आयोजित जिला स्तरीय PBL मेले के दौरान सभी जिलों ने भागीदारी सुनिश्चित की, और उत्कृष्ट तीन प्रदर्शों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया। चयनित प्रदर्शों को राज्य स्तरीय मेले में प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, MIP 6 और MIP 7 के तहत कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया। अब तक 10,542 विद्यालयों ने MIP 7 प्रारंभ किया है, लेकिन फीडबैक फॉर्म भरने में शिक्षकों की भागीदारी अपेक्षा से कम रही। इसे बढ़ाने के लिए कार्यशाला में ठोस कदम उठाने पर विचार किया गया।

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री रंजन सिंह और संयुक्त निदेशक डॉ. रश्मि प्रभा ने अपने संबोधन में कहा कि PBL कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह छात्रों में रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कार्यक्रम की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों को और अधिक उत्साह और समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में ‘मेरी मिट्टी की गाइड’, ‘चुंबक का खेल’, ‘जल संरक्षण: मेरा जागरूक समुदाय’ और ‘ध्वनि से संगीत’ जैसे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि 27 फरवरी 2025 को पटना में राज्य स्तरीय PBL मेले का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक जिले से चयनित श्रेष्ठ दो प्रदर्शों ( विज्ञान एवं गणित के एक-एक प्रोजेक्ट के साथ एक अथवा दो छात्र/छात्राएं , भाग लेने वाले छात्र/छात्राओं के एक-एक अभिभावक, जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक एवं जिला तकनीकी समूह के दो सदस्य ) को इस मेले में प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।

यह कार्यशाला प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग को जमीनी स्तर पर लागू करने और शिक्षा प्रणाली में नवाचार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

साथ ही बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम (DEP) पर भी चर्चा की गई। जिसमें विद्यालय स्तर पर कार्यक्रम का क्रियान्वयन और शिक्षकों को तकनीकी सहयोग प्रदान करने की जरूरत को प्रमुखता दी गई। DEP के तहत परियोजनाओं के प्रचार-प्रसार और शिक्षकों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उपाय सुझाए गए।

कार्यक्रम का समापन प्रभावी क्रियान्वयन और स्थायी नवाचार को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।