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ईश्वर भक्ति के लिए स्वयं को समर्पित करने की जरूरत होती है : सत्यांशु

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 अमरनाथ यादव की रिपोर्ट

मधुबनी /लदनियां प्रखंड क्षेत्र की कुमरखत पूर्वी पंचायत के पथलगाढ़ा गांव स्थित मध्य विद्यालय के बगल में अवस्थित खेल के मैदान में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के तीसरे दिन रामकथा सुनने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

वृन्दावन अयोध्या से आए कथावाचक सत्यांशु जी महाराज ने कहा कि जीवनमुक्ति का सबसे बड़ा आधार ईश्वर भक्ति है और भक्ति का सबसे बड़ा आधार समर्पन है। मनुष्य समर्पण से सबकुछ प्राप्त कर लेता है। वैसे भारतीय मनीषियों ने नौधा भक्ति की श्रेष्ठता को स्वीकार किया है। लेकिन इसकी मौलिकता समर्पण में छिपी है, जिसे आत्मसात किये बिना भक्ति पूरी नहीं हो सकती। राम के प्रति हनुमान का समर्पण उसे भगवान बना दिया। सबरी का समर्पण जूठे बैर को भी अमृत बना दिया।
मौके पर मुखिया नवीन कुमार यादव, सरपंच वीरेन्द्र यादव, पूर्व पंसस रामकुमार यादव, पूर्व जिप सदस्य नवल किशोर यादव, सुभाष दास, विनोद यादव, दिनेश दास, महेंद्र नारायण चौधरी समेत सैकड़ों लोग थे।