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पटना में नीरज की जीत पर झंझारपुर में बधाई का फोटोशूट .सांसद जी, पहले अपना रिपोर्ट कार्ड तो दिखाइए

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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 प्रधान संपादक: राम दुलार यादव

पटना स्नातक MLC क्षेत्र से जदयू-एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत पर झंझारपुर के जदयू सांसद रामप्रीत मंडल ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अच्छी बात है, बधाई तो देनी ही चाहिए। लेकिन सवाल ये है कि ये बधाई का पोस्टर, ये फोटोशूट, क्या सिर्फ पटना तक ही सीमित है।

जदयू का सच क्या है
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में जदयू का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। 8 सीटों में से जदयू को सिर्फ 1 सीट  पटना स्नातक पर ही जीत मिली है। वो भी नीरज कुमार के व्यक्तिगत संघर्ष और जनाधार की वजह से। दरभंगा शिक्षक सीट पर तो जदयू प्रत्याशी की जमानत भी नहीं बच पाई और वो चौथे स्थान पर खिसक गए। ये है जदयू की जमीनी हकीकत। इस हार पर बधाई देने वाले नेताओं को चिंतन करने की जरूरत है, जश्न मनाने की नहीं।

और अब सवाल सांसद जी से…

माननीय सांसद रामप्रीत मंडल जी, आप अपने नए संसदीय कार्यकाल के ढाई वर्षों में और कुल साढ़े सात वर्षों में कितनी बार अपने क्षेत्र के गांव-मुहल्ले में नजर आए हैं।

अब सवाल लदनिया, लौकहा, झंझारपुर, फुलपरास, लौकही, मधेपुर,जयनगर,खुटौना – आपके गांव में आप आखिरी बार कब आए थे। मधुबनी की सड़कें, बाढ़ का पानी, गरीब का राशन, युवा का पलायन – इन पर आपने संसद में कितनी बार आवाज उठाई क्षेत्र में विकास का कौन सा ऐसा बड़ा कार्य है जिस पर आप कह सकें – ये मेरी देन है।

सच्चाई ये है कि सांसद जी क्षेत्र में नजर नहीं आते, लेकिन नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने में सबसे आगे रहते हैं। पटना में कोई जीते, दिल्ली में कोई जीते तुरंत बधाई वाला पोस्टर जारी हो जाता है। लेकिन झंझारपुर की जनता जब सांसद को खोजती है तो सिर्फ पोस्टर में ही मिलते हैं।

यही है झंझारपुर का विकास

यही कारण है कि आज बिहार की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे, और चुनाव के बाद सिर्फ बधाई और फोटोशूट। जनता को आखिर क्यों गुमराह किया जा रहा है। क्या सांसद का काम सिर्फ बधाई देना रह गया है।

झंझारपुर की जनता अब फोटोशूट वाला विकास नहीं, जमीनी विकास चाहती है। बधाई के पोस्टर से पेट नहीं भरता, माननीय।