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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी जीवंत लोकतंत्र के लिए आम जनों के हित में बच्चियों और महिलाओं के न्याय के लिए,महंगाई और भ्रष्टाचार और नौकरी -रोजगार के लिए पदयात्रा करनी चाहिए, जिससे लोकतंत्र जीवंत रहे : एजाज अहमद

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न्यूज डेस्क 

पटना/बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता के माध्यम से किस तरह से संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हित के लिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए कर रही है यह स्पष्ट रूप से सामने आ चुका है। देश स्तर चुनाव आयोग के माध्यम से किस तरह से देश के साढ़े तेरह करोड़ लोगों के वोट के अधिकार को छीनकर नागरिक अधिकार से वंचित किया गया है उसके संबंध में बताना चाहिए कि आखिर ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने किसके इशारे देश के लोगों को वोटर लिस्ट से नाम विलोपित करके उन्हें नागरिकता के लिए ऑफिस ऑफिस का चक्कर लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा है । और उन लोगो की बातें नहीं सुनी जा रही है। हद तो यह है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को जो दिशा निर्देश एस आई आर के समय दिए गए थे उसका भी अनुपालन नहीं किया गया ।और भारतीय जनता पार्टी के अनुसार चुनाव आयोग ने वोट चोरी के माध्यम से लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का कार्य किया। और वोट चोरी करके बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य पांच राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार बनवाई।
एजाज ने आगे कहा जिस तरह से लोकतंत्र को कमजोर करने वाली कार्रवाई केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा की जा रही है उसके खिलाफ देश के लोगों में गुस्सा है और उसी गुस्से का प्रकटीकरण सड़कों पर दिख रहा है। क्योंकि सत्ता पक्ष और भारतीय जनता पार्टी सदन के अंदर चाहे लोकसभा हो या राज्यसभा या विभिन्न राज्यों का विधानसभा वहां पर विपक्ष को जनता की बात रखने नहीं दे रही है और उनकी बातों को सत्ता के माध्यम से जबरदस्ती दबाया जा रहा है। डॉ राम मनोहर लोहिया ने कहा था की जीवंत लोकतंत्र के लिए सदन में जब आपकी बातें नहीं सुनी जाए और सदन जब गूंगी हो जाए तो सड़कों पर आकर आंदोलन करना चाहिए और अपनी बात सत्तापक्ष के कानों तक पहुंचानी चाहिए और इस कार्य को लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विपक्ष कर रहा है। लेकिन अब भाजपा और एनडीए के लोगों को पच नहीं रहा। अब बीजेपी आम जनता के आंदोलन को अराजकता बताने का कार्य कर रही है और आमजन को अराजक बता रही है। जिस तरह की राजनीति भाजपा के द्वारा की जा रही है उससे स्पष्ट होता है कि इनको लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है लेकिन लोकतंत्र के नाम पर यह आंदोलन करना चाहते हैं । जबकि सत्ता पक्ष का काम है जनता की आवाज सुनना और जनता के हित में काम करना।
एजाज ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र और अराजकता की बात कर रहे हैं और इस मुद्दे पर पद यात्रा कर रहे हैं जो कहीं से उचित नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी को अगर पद यात्रा करना ही था तो बिहार में बच्चियों और महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार जुल्म और बिहार को शर्मसार करने वाली घटनाओ के खिलाफ पदयात्रा करनी चाहिए । नौजवानों की नौकरी और रोजगार बिहार में बेहतर शिक्षा व्यवस्था , शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए पदयात्रा करनी चाहिए । महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ पदयात्रा करनी चाहिए क्योंकि लोकतंत्र के जीवंत रखने के लिए जनता के हित में मुख्यमंत्री के द्वारा आंदोलन करने से लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी लेकिन सम्राट चौधरी जी आप जिस तरह से आमजन को अराजक बता कर पदयात्रा कर रहे हैं इससे स्पष्ट होता है कि कहीं ना कहीं सत्ता के अहंकार में भारतीय जनता पार्टी अपनी राजनीतिक मर्यादा को भी भूल चुकी है।