डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजे गए समाजसेवी दीपक
न्यूज डेस्क
नवादा/हरनौत थावे विद्यापीठ द्वारा उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार स्थित परमार्थ ज्ञान मंदिर कनखल ,सभागार में आयोजित हरिद्वार अधिवेशन सह दीक्षांत समारोह के दौरान नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड श्रीचंदपुर निवासी समाजसेवी
दीपक कुमार को डॉक्टरेट ( डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी ) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया ।अधिवेशन सह दीक्षांत समारोह में थावे विद्यापीठ के कुलपति डॉ.विनय कुमार पाठक कुलाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ,कुलसचिव डॉ.पी एस दयाल यति सहित विद्यापीठ के अधिकारियों के हाथों डॉक्टरेट की मानद उपाधि विद्यापीठ के पारंपरिक परिधान सफेद कुर्ता ,पायजामा एवं भगवा स्कार्फ , विद्यापीठ के बैज एवं पट्टा लगाकर अलंकृत किया गया । थावे विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ.पी एस दयाल यति ने कहा कि दीपक कुमार द्वारा किए गए महनीय शोधकार्य ,शैक्षिक
प्रदेयों तथा राष्ट्रीय /अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर थावे विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर
दीपक कुमार को विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान की गई ।
अधिवेशन सह दीक्षांत समारोह में दीपक ने राष्ट्रीय एकता एवं सद्भावना विषय को केंद्रित कर अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए । ज्ञात हो कि दीपक कुमार ने प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुम्बई से चाइल्ड प्रोटेक्शन में स्पेशल शिक्षा प्राप्त किया है । इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज एंड कॉन्फलिक्ट रिजोल्यूशन (IPSCR )नामक संस्था से प्रशिक्षित कार्यकर्ता है ।
विगत 18 वर्षों से सामाजिक कार्यों से जुड़े है ।विषम परिस्थितियों में भी सामाजिक कार्य जारी रखा है ।
अति साधारण परिवार में जन्मे दीपक मजबूत इरादे और दृढ़ इच्छा शक्ति के धनी है । पूर्व में उन्हें बॉलीबुड अभिनेता जावेद खान द्वारा लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2019 ,नेशनल यूथ लीडरशिप अवॉर्ड 2026 सहित अनेकों प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके है ।उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर बिहार लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य तथा पटना विश्वविद्यालय के पूर्व अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष डॉ शिवजतन ठाकुर ,मेजर निशांत कुमार ओझा ,संजय भाई ,चर्चित समाजसेवी डॉ.आशुतोष कुमार मानव ,शोधार्थी संजीव कुमार , अवध राज नंद , डॉ.कृष्ण मुरारी ठाकुर ,युवा कवि कुमार राकेश ऋतुराज ,समाजसेवी चन्द्रउदय कुमार सहित समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है ।

