राजभवन मार्च और CM हाउस घेराव की चेतावनी से सम्राट सरकार की बढ़ी चिंता
न्यूज डेस्क
पटना/ राजधानी पटना में शिक्षा और रोजगार की मांग को लेकर छात्रों का आमरण अनशन शनिवार को 18वें दिन भी जारी रहा। PhD होल्डर्स, रिसर्च स्कॉलर्स और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
प्रदर्शनकारी गर्दनीबाग धरना स्थल पर दिन-रात डटे हुए हैं। कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की भी खबर है, लेकिन आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें
1. विश्वविद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की बहाली बिहार के विश्वविद्यालयों में हजारों पद खाली हैं। PhD धारकों को नियमित नियुक्ति दी जाए।
2. नई शिक्षा भर्ती नियमावली रद्द हो वर्तमान नियमावली में PhD और NET अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव का आरोप।
3. रिसर्च स्कॉलर्स को फेलोशिप और रोजगार शोध कर रहे छात्रों को आर्थिक सुरक्षा और भविष्य में नौकरी की गारंटी दी जाए।
4. सभी लंबित परीक्षाओं का रिजल्ट और नियुक्ति BPSC, बिहार शिक्षक भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
18 दिन से अनशन पर, प्रशासन मौन
छात्रों का कहना है कि पिछले 18 दिनों में सरकार की ओर से कोई वार्ता दल उनसे मिलने नहीं आया है। “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कह रहे हैं। हम डिग्री लेकर सड़क पर भटक रहे हैं। सरकार को हमारी शिक्षा का सम्मान करना चाहिए, एक आमरण अनशन पर बैठे PhD होल्डर ने कहा।
अब क्या है आगे की रणनीति
आंदोलन के संयोजकों ने सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। अगर जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

