सांसद रामप्रीत मंडल से जनता का सवाल प्रधानमंत्री के सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत घोषणा धरातल पर कुछ नहीं
कृष्णा कुमार
मधुबनी/ झंझारपुर संसदीय क्षेत्र की जनता आज भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सांसद रामप्रीत मंडल ने प्रधानमंत्री की सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अब तक क्षेत्र के किस गांव को गोद लिया है और अगर गोद लिया है तो उस गांव का विकास और उजाला का वादा आज तक जमीन पर क्यों नहीं उतरा।
2014 में केंद्र सरकार ने सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत हर सांसद को अपने क्षेत्र से एक गांव गोद लेकर उसे मॉडल गांव के रूप में विकसित करना था। लक्ष्य था – शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में गांव को आत्मनिर्भर बनाना।
जनता पूछ रही है – गोद कहां गया
झंझारपुर क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में सांसद रामप्रीत मंडल द्वारा किसी भी गांव को आधिकारिक रूप से गोद लेने की घोषणा तो की गई, लेकिन उसके बाद विकास कार्यों की गति बेहद धीमी रही।
उजाला का वादा अंधेरा बरकरार
प्रधानमंत्री की योजना में उजाला यानी हर घर बिजली और सोलर लाइट का भी प्रावधान था। लेकिन गोद लिए जाने वाले गांवों में भी आज कई टोले ऐसे हैं जहां शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। सोलर स्ट्रीट लाइटें या तो लगी ही नहीं या खराब पड़ी हैं।
जब इस विषय पर सांसद से सम्पर्क करने की कोशिश की तो संपर्क नहीं हो सका।
राजनीतिक सवाल
विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। राजद के जिला प्रवक्ता ने कहा 10 साल हो गए। अगर सांसद ने गांव गोद भी लिया है तो उसका नाम और विकास रिपोर्ट सार्वजनिक करें। जनता को हिसाब चाहिए।

