राजनीतिक साजिश से छीना गया केंद्रीय विद्यालय स्थानीय लोगों में आक्रोश
कृष्णा कुमार
मधुबनी /जयनगर अनुमंडल के लदनिया अंचल स्थित परसाही गांव से प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय को झंझारपुर शिफ्ट किए जाने के विरोध में परसाही हाई स्कूल मैदान में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय विद्यालय आयोग द्वारा सभी मानकों को पूरा करने के बाद भी राजनीतिक साजिश के तहत इस विद्यालय को परसाही से हटाकर झंझारपुर ले जाया गया।
क्या है पूरा मामला
वक्ताओं का कहना है कि परसाही गांव में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि और सभी मानदंड पूरे थे। लेकिन जिला समाहर्ता द्वारा उस भूमि को वन विभाग की जमीन बताकर बाधा उत्पन्न की गई।
RTI से प्राप्त वन विभाग की रिपोर्ट में स्पष्ट है कि वहां वन विभाग की कोई भूमि नहीं है। इससे साबित होता है कि यह क्षेत्र के लोगों के शिक्षा के अधिकार के साथ खिलवाड़ है।
स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह क्षेत्र पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और महादलित बहुल है। यदि यहां केंद्रीय विद्यालय खुलता है तो क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
बैठक में लिए गए 3 बड़े फैसले
1. संघर्ष समिति का गठन केंद्रीय विद्यालय बचाओ संघर्ष समिति, लदनिया, अनुमंडल जयनगर का गठन किया गया।
2. मुख्यमंत्री से मुलाकात आंदोलन तेज करने के लिए एक उच्चस्तरीय डेलिगेशन कमेटी बनाई गई जो माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराएगी।
3. कानूनी लड़ाई मामले को अविलंब सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन दायर कर कानूनी रूप से लड़ा जाएगा।
बैठक में उपस्थित लोग
सुभाष कुमार, Bjp नेता हरिनारायण यादव, रंजीत कुमार, प्रमोद कुमार, सुशील सिंह, रामपुकार सहनी, बलराम सहनी, दिलीप सहनी, शिव, शंभुनाथ सिंह, प्रमोद सदाय, शिवशंकर प्रसाद, चंद्रनारायण दास, सिद्धिनाथ सिंह, मुखिया अरुण कुमार यादव, रामनरेश सिंह, रामसुंदर दास, चन्देश्वर ठाकुर, चन्द्रकिशोर ठाकुर, दिलीप कुमार, देवेंद्र प्रसाद सिंह, रामकुमार ठाकुर सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

