भुतहा गांव निवासी केशवर सिंह पर तीसरी बार जानलेवा हमला सुबह दूध लाने जा रहे थे तभी बरसाई गोलियां पीठ में फंसी गोली भारत-नेपाल सीमा थाना क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल
न्यूज डेस्क
मधुबनी / लदनियां थाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राज में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका जीता-जागता सबूत मधुबनी के लदनियां थाना में देखने को मिला है।
घटना सुबह 8 बजे की है लदनियां थाना के खाजेडीह और चिकनोटवा गांव के बीच सुनसान रास्ते पर भुतहा गांव निवासी केशवर सिंह अपने डेरा से दूध लाने जा रहे थे। केशव सिंह S.M.J. कॉलेज, खाजेडीह में कंप्यूटर लाइब्रेरियन / डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं।
इसी दौरान एक अपाचे बाइक पर दो नकाबपोश अज्ञात अपराधी पहुंचे और बिना कुछ कहे फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने लगभग चार राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली केशवर सिंह के बांह में लगकर पीठ में जाकर फंस गई।
आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास पहुंचाया जहां गोली निकालने की कोशिश की गई, बाद में उन्हें मधुबनी सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां गोली निकाल ली गई है और अब वे खतरे से बाहर हैं। कहा जाता है मारने वाले से बचाने वाले का हाथ लंबा होता है।
3 KM दूर थाना फिर भी पुलिस नदारद – सबसे बड़ा सवाल
इस घटना ने लदनियां थाना पुलिस की कार्यशैली की पोल खोल दी है। घटना स्थल थाना से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है फिर भी पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची। जब तक पुलिस आई अपराधी फरार हो चुके थे।
ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लदनियां थाना क्षेत्र ही जब सुरक्षित नहीं है तो आम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे। दिन प्रतिदिन हो रही घटनाओं से सम्राट सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
तीसरी बार हमला पुलिस क्यों मौन
परिजनों का कहना है कि केशव सिंह पर यह तीसरा हमला है। इससे पहले भी दो बार उन पर जानलेवा हमला हो चुका है, फिर भी पुलिस ने न तो सुरक्षा दी और न ही पुराने मामलों में कोई ठोस कार्रवाई की। आखिर प्रशासन एक्टिव क्यों नहीं हो रहा है।
अब देखना होगा कि लदनियां पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी अज्ञात अपराधियों को गिरफ्तार करती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दब कर रह जाएगा।

