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बिहार के गांवों में अब हर घर से लगेगा सालाना ₹1,200 टैक्स : सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

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न्यूज डेस्क 

पटना/बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। अब शहरों की तरह गांवों में भी टैक्स व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिश के आधार पर राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक घर से सालाना औसतन 1,200 रुपये टैक्स लिया जाएगा। होल्डिंग टैक्स समेत अन्य स्थानीय कर वसूलने का प्रस्ताव तैयार है।

क्या है पूरा प्रस्ताव
पंचायती राज विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है जिसके तहत ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए होल्डिंग टैक्स, सफाई कर, जल कर जैसे स्थानीय कर लगाए जाएंगे। प्रत्येक घर से सालाना औसतन ₹1,200 वसूली का अनुमान है। मकान के आकार और उपयोग के आधार पर टैक्स की दर तय होगी।

कहां से आई सिफारिश
16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने स्थानीय निकायों की आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रॉपर्टी टैक्स लगाने की सिफारिश की है। केंद्र से मिलने वाले अनुदान के लिए स्थानीय राजस्व संग्रह को शर्त बनाया गया है। इसी आधार पर बिहार सरकार ने कदम बढ़ाया है।

अभी कहां तक पहुंची प्रक्रिया
पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट से अंतिम स्वीकृति मिलते ही यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। कैबिनेट की अगली बैठक में प्रस्ताव रखा जा सकता है।

क्यों लगाया जा रहा टैक्स
सरकार का तर्क है कि ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए खुद का फंड चाहिए। सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, सफाई जैसे कार्यों के लिए पंचायतें केंद्र-राज्य पर निर्भर न रहें। होल्डिंग टैक्स से मिलने वाला पैसा सीधे पंचायत के खाते में जाएगा और स्थानीय विकास पर खर्च होगा।

विरोध की आशंका
ग्रामीण इलाकों में इस फैसले का विरोध हो सकता है। विपक्ष ने इसे गरीब विरोधी बताया है। किसान संगठनों का कहना है कि महंगाई के दौर में गांवों पर टैक्स का बोझ डालना गलत है। सरकार ने BPL परिवारों को छूट देने का संकेत दिया है, लेकिन अंतिम गाइडलाइन कैबिनेट के बाद आएगी।