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फुटपाथ से मंत्री तक शिवचंद्र राम 6 चुनाव हारे 3 पेट्रोल पंप के मालिक फिर भी लालू-तेजस्वी के करीबी

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न्यूज डेस्क 

पटना/RJD नेता शिवचंद्र राम की राजनीतिक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है। जूता सिलने से मंत्री बनने तक का सफर, लेकिन साथ में 6 बड़े चुनाव हारने, पेट्रोल पंप विवाद और टिकट बंटवारे के आरोप भी जुड़े हैं।

1. फुटपाथ से उठाकर विधायक बनाया’
इन्फोग्राफिक के मुताबिक, शिवचंद्र राम पहले जूता सिलते थे। लालू प्रसाद यादव ने 2005 में सीधे फुटपाथ से उठाकर राजा पाकड़ से विधायक बनाया।यह लालू के सामाजिक न्याय का बड़ा उदाहरण माना जाता है।

2. चुनावी सफर: 2 जीत, 6 हार
वर्ष चुनाव क्षेत्र परिणाम भूमिका।
2005 विधानसभा राजा पाकड़ जीते विधायक बने।
2010 विधानसभा राजा पाकड़ हारे युवा राजद प्रदेश अध्यक्ष बने।
2015विधानसभा राजा पाकड़ जीते मंत्री बने।
2019 लोकसभा हाजीपुर हारे लोकसभा उम्मीदवार।
2020 विधानसभा पातेपुर हारे क्षेत्र बदला, टिकट मिला।
2024लोकसभा हाजीपुर हारे फिर हार गए।
2025 विधानसभा पातेपुर हारे फिर हार गए।

2015 में महागठबंधन सरकार में मंत्री भी बने लेकिन इसके बाद लगातार हार का सामना किया।

3. विवादों से नाता
मित्र का खुलासा वाले कॉलम में आरोप।
चुनाव हारने के बाद *पटना में जमीन खरीदते हैं।
जिस जिले के प्रभारी बनते हैं, उसी जिले में पेट्रोल पंप खोल लेते हैं।
अब तक 3 पेट्रोल पंप के मालिक हैं

कार्यकर्ताओं की शिकायत प्रचार से अधिक समय चंदा मांगने में बिताते हैं।

4. टिकट विवाद: प्रेमा चौधरी का टिकट कटा
2020 में पातेपुर से चुनाव लड़ने के लिए तेजस्वी यादव ने शिवचंद्र राम को प्राथमिकता दी। इसके लिए दलित महिला विधायक प्रेमा चौधरी का टिकट काट दिया गया। लेकिन शिवचंद्र राम पातेपुर से भी हार गए। उन्हें अत्यधिक अलोकप्रिय बताया गया।

5. मौजूदा स्थिति
फिलहाल RJD के SC/ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। MLC की एक सीट को लेकर पार्टी में खींचतान है। इन्फोग्राफिक में सवाल उठाया गया।हर चुनाव लड़ते हैं, हर बार हारते हैं।एक विधानपरिषद की सीट है, उसमें सबको हिस्सा चाहिए।

6. RJD के लिए क्यों अहम
लगातार हार के बावजूद लालू-तेजस्वी का भरोसा शिवचंद्र राम पर बना हुआ है। दलित चेहरे के रूप में पासवान वोट बैंक साधने की रणनीति। 2010 में हारने पर भी युवा राजद का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।