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आवास खाली नहीं करेंगे सरकार को जो करना है कर ले : राबड़ी देवी

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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राजकुमार यादव 

पटना /बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर विवाद अब सीधे टकराव में बदल गया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दो टूक जवाब देते हुए कहा है, आवास खाली नहीं करेंगे, सरकार को जो करना है कर ले।

क्या है पूरा मामला
राज्य सरकार ने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी आवासों की समीक्षा की थी। नियमों का हवाला देते हुए भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। विभाग का तर्क है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास की सुविधा का प्रावधान नहीं है।

राबड़ी देवी का पलटवार
नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा हमने 15 साल बिहार की सेवा की है। यह आवास लालू जी को मुख्यमंत्री के तौर पर मिला था। हम इसे खाली नहीं करेंगे। सरकार जो उखाड़ना चाहे उखाड़ ले।

राजद का आरोप बदले की राजनीति
राजद नेताओं ने सरकार के फैसले को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि लालू परिवार को परेशान करने के लिए सरकार जानबूझकर ऐसे कदम उठा रही है। जब दूसरी पार्टियों के नेताओं को आवास मिले हुए हैं तो सिर्फ राबड़ी देवी को टारगेट क्यों किया जा रहा है?”* राजद ने सवाल उठाया।

सरकार का पक्ष
वहीं सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह रूटीन प्रक्रिया है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और राज्य सरकार के नियमों के तहत जो लोग पात्र नहीं हैं, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। इसमें कोई राजनीतिक द्वेष नहीं है। भवन निर्माण मंत्री ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

आगे क्या
राबड़ी देवी के इनकार के बाद अब गेंद सरकार के पाले में है। अगर राबड़ी आवास खाली नहीं करती हैं तो भवन निर्माण विभाग बेदखली की कार्रवाई शुरू कर सकता है। इस मुद्दे पर बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में भी हंगामे के आसार हैं।