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विभागीय कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं, लंबित मामलों के निष्पादन में लाएं तेजी : डॉ. प्रमोद कुमार

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न्यूज डेस्क 

पटना /खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में आज सभी जिलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बिहार खनिज नियमावली, 2019 (यथा संशोधित 2026) के महत्वपूर्ण प्रावधानों, राजस्व समाहरण, बालूघाटों की समीक्षा, पत्थर भूखंडों की नीलामी, अवैध खनन/परिवहन/भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई, जप्त बालू एवं वाहनों की नीलामी सहित विभिन्न विभागीय विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान मंत्री महोदय ने मासिक राजस्व लक्ष्य में पिछड़े जिलों को विशेष रूप से मेहनत करने एवं राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व की दृष्टि से यह विभाग अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी जिलों को लंबित मामलों के निष्पादन हेतु गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में यह निर्देश दिया गया कि जिन बालूघाटों को पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) प्राप्त हो चुकी है, लेकिन भुगतान लंबित है, उन मामलों में संबंधित जिलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। साथ ही EC से संबंधित बैठकों को गंभीरता से लेने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मंत्री महोदय ने TOR के लिए आवेदन नहीं किए गए मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
पत्थर भूखंडों की समीक्षा के दौरान संबंधित जिलों को निर्देश दिया गया कि समय पर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कराकर नीलामी प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए।
अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा करते हुए मंत्री महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्रवाई में ढिलाई बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। साथ ही कंट्रोल रूम से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के दौरान मंत्री महोदय ने कहा कि सभी जिलों को कार्य करने की प्रणाली में प्रभावकारी बदलाव लाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा ने कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी जिलों को नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध कार्रवाई एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित EC, TOR एवं नीलामी से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
बैठक में विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आवश्यक कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।